
Policemen Suicide: तेलंगाना में एक के बाद एक पुलिसकर्मी आत्महत्या कर रहे हैं। प्रदेश में बीते ती दिनों में पांच पुलिसकर्मियों ने सुसाइड कर लिया है। रविवार को दो अलग-अलग घटनाओं में दो पुलिसकर्मियों ने आत्महत्या कर ली। मेडक जिले में एक हेड कांस्टेबल ने फांसी लगा ली, जबकि सिद्दीपेट जिले में एक कांस्टेबल ने जान दे दी। इन घटनाओं के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मचा गया है। दो दिन पहले कामारेड्डी जिले के बिकनूर थाने के एसआई साईकुमार, बीबीपेट थाने के कांस्टेबल श्रुति और कंप्यूटर ऑपरेटर निखिल एल्लारेड्डी पेद्दा का शव मिला था।
मेडक जिले के कुलचरम पुलिस स्टेशन में रविवार को हेड कांस्टेबल साई कुमार का शव पेड़ से लटका मिला। बताया जा रहा है कि साई कुमार सुबह की सैर के लिए घर से निकला था और पुलिस स्टेशन पहुंचने के बाद उसने यह कदम उठाया। प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि हेड कांस्टेबल ने यह कदम उठाने से पहले अपनी बेटी से फोन पर बात की थी।
हेड कांस्टेबल साई कुमार के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और जांच शुरू कर दी है। आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है। परिवारजनों के लोगों ने पुलिस को बताया कि हेड कांस्टेबल उनसे कह रहा था कि वह आत्महत्या कर लेगा। इस घटना पर बात करते हुए ग्रामीण सर्किल इंस्पेक्टर राजशेखर रेड्डी ने बताया कि घरेलू समस्याओं के कारण साई कुमार ने आत्महत्या का कदम उठाया होगा।
वहीं, एक अन्य घटना में सिद्दीपेट जिले में एक पुलिस कांस्टेबल ने आत्महत्या कर ली। 17वीं बटालियन के कांस्टेबल बालकृष्ण ने सिद्दीपेट कस्बे में अपने घर में पत्नी और दो बच्चों के खाने में कीटनाशक मिलाकर खुद को फांसी लगा ली। बालकृष्ण की पत्नी मानसा और बेटों अश्वंत और अश्विन को सिद्दीपेट सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
पुलिस की प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि बालकृष्ण और उनके परिवार के सदस्यों ने आर्थिक तंगी के कारण आत्महत्या का प्रयास किया। पुलिस कांस्टेबल ने घर खरीदने के लिए दोस्तों से पैसे उधार लिए थे। कथित तौर पर उस पर कर्ज चुकाने के लिए कर्जदाताओं का दबाव था।