भूकंप दोपहर 12 बजकर 44 मिनट पर राजधानी दिल्ली में आया है। इस भूकंप की तीव्रता 1.9 थी। इसकी भी गहराई करीब 10 किलोमीटर थी। यह भूकंप 28.61 अक्षांश उत्तर और देशांतर 77.26 पूर्व में आया।
भूकंप के झटकों से राजधानी दिल्ली से लेकर जम्मू कश्मीर के मुजफ्फराबाद तक हिल गया। भूकंप के डबल झटकों के कारण लोग दहशत में आ गई। मुजफ्फराबाद में सुबह सुबह लगे भूकंप के झटकों के कारण आम लोगों की नींद ही उड़ गई। राष्ट्रीय भूकंप केंद्र ने बताया है कि पहला भूकंप जम्मू कश्मीर के मुजफ्फराबाद में सुबह तीन बजकर तीन मिनट और 33 सेकेंड पर आया। इसकी तीव्रता 4.2 थी। इसकी गहराई करीब 10 किलोमीटर थी।
वहीं दूसरा भूकंप दोपहर 12 बजकर 44 मिनट पर राजधानी दिल्ली में आया है। इस भूकंप की तीव्रता 1.9 थी। इसकी भी गहराई करीब 10 किलोमीटर थी। यह भूकंप 28.61 अक्षांश उत्तर और देशांतर 77.26 पूर्व में आया। इसकी तीव्रता बेहद कम थी। राजधानी के पूर्वी दिल्ली में आए भूकंप कारण कहीं से किसी प्रकार के नुकसान की सूचना नहीं है।
आपको बता दें कि धरती के भीतर सात टेक्टोनिक प्लेटस हैं। इनके टकराने पर ही भूकंप आया है। हर साल दुनिया में 20 हजार से ज्यादा भूकंप आते हैं। इनकी तीव्रता ज्यादा नहीं होती है। इसके कारण नुकसान बहुत ही कम होता है। हिंद महासागर में अब तक का सबसे लंबे समय का भूकंप आया था। 2004 में आया यह भूकंप 10 मिनट तक महसूस किया गया था।
0-1.9 सीज्मोग्राफ से मिलती है जानकारी
2-2.9 बहुत कम कंपन पता चलता है
3-3.9 ऐसा लगेगा कि कोई भारी वाहन पास से गुजर गया
4-4.9 घर में रखा सामान अपनी जगह से नीचे गिर सकता है
5-5.9 भारी सामान और फर्नीचर भी हिल सकता है
6-6.9 इमारत का बेस दरक सकता है
7-7.9 इमारतें गिर जाती हैं
8-8.9 सुनामी का खतरा, ज्यादा तबाही
9 या ज्यादा सबसे भीषण तबाही, धरती का कंपन साफ महसूस होगा