
India-Russia Summit 2025: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सम्मान में राष्ट्रपति भवन में भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शानदार डिनर का आयोजन किया। इसमें भारतीय खानपान का संगम पेश किया। डिनर भारतीय 'थाली' शैली पर आधारित थी। इसमें अलग-अलग राज्यों के व्यंजनों को भी शामिल किया गया था। सूप से लेकर मिठाई तक, पूरा मेन्यू भारतीय व्यंजनों की विविधता को बता रहा था।
रात्रिभोज की शुरुआत मुरुंगेलै चारू से हुई। यह सहजन के पत्तों और मूंग दाल से बनाया गया हल्का सूप था। इसमें करी पत्ते के बीजों से सजाकर दक्षिण भारतीय खाने का पारंपरिक स्वाद दिया गया। इसके साथ ही, स्टार्टर में तीन विशेष व्यंजन परोसे गए। पहला गुच्ची दून चेटिन था। इसमें कश्मीरी मोरल मशरूम को अखरोट की खास चटनी के साथ परोसा गया था।
दूसरा, काले चने के शिकंपुरी था। यह पैन में सेककर बनाए गए मुलायम चने का कबाब था। जिसे पुदीने की चटनी और मीठी शीरमल ब्रेड के साथ परोसा गया। तीसरा स्टार्टर था, वेजिटेबल झोल मोमो, इसे भाप के साथ पकाया गया था। इन्हें वाटर चेस्टनट व मसालेदार टमाटर की डिप के साथ परोसा गया। इसने भारतीय और पहाड़ी स्वाद का अनोखा मिश्रण पेश किया।
वहीं, मेन कोर्स में कई तरह के शाकाहारी व्यंजन परोसे गए थे। इनमें हर डिश भारतीय रसोई की विविधता का बयान करती थी। मुख्य भोजन में जाफरानी पनीर रोल था। इसमें पनीर और सूखे मेवों को रोल की तरह तैयार करके केसर की ग्रेवी में परोसा गया था। इसके बाद भोजन में पालक मेथी मटर का साग था। तंदूरी भरवां आलू परोसे गए। पुतिन को शाही भोज में दाल तड़का परोसा गया। बासमती चावल, सूखे मेवे और केसर से तैयार किया गया पुलाव परोसा गया। वहीं, रोटियों में लच्छा परांठा, मगज नान, सतनाज रोटी, मिस्सी रोटी और बिस्क्यूटी रोटी शामिल थीं। डेजर्ट्स की बात करें तो मिठाइयों में बादाम का हलवा और केसर–पिस्ता कुल्फी परोसी गई।