
Mass Suicide Cases in India: देश में पिछले कुछ सालों में सामूहिक आत्महत्या की कई घटनाएं सामने आई है। ये घटनाएं रोंगटे खड़े करने वाली है। हाल ही में पंचकूला (Panchkula Seven Suicide in a Family) में एक ही परिवार के सात लोगों ने जिंदगी से हार मानकर सामूहिक खुदकुशी कर ली। जब पंचकूला का यह मामला सामने आया तो देश के और कई ऐसे मामलों की याद ताजा हो गई। देश में एक या दो ऐसे केस नहीं है, बल्कि कई और सामूहिक हत्या के केस है। जहां लोगों ने जिंदगी से हार मानकर सामूहिक आत्महत्या की।
देहरादून के एक परिवार के सात सदस्यों (प्रवीण मित्तल, उनकी पत्नी, तीन बच्चे, और दो बुजुर्ग माता-पिता) ने पंचकूला के सेक्टर-27 में एक कार में जहर खाकर आत्महत्या की। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें आर्थिक तंगी और भारी कर्ज को कारण बताया गया। परिवार बागेश्वर धाम की हनुमंत कथा में शामिल होने के बाद यह कदम उठाने से पहले पंचकूला आया था।
गुजरात के सूरत में साल 2023 में एक परिवार के सात सदस्यों ने मौत को गले लगा लिया। जिसमें तीन बच्चे भी शामिल थे। सुसाइड नोट से पता चला कि परिवार के एक सदस्य ने पहले अपने परिजनों को जहर दिया और फिर स्वयं फांसी लगाई।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के रंगपुरी गांव में एक व्यक्ति ने अपनी चार बेटियों के साथ जहर खाकर आत्महत्या की। पड़ोसियों ने बदबू की शिकायत के बाद पुलिस को सूचित किया, जिसके बाद शव बरामद हुए। बताया जा रहा है कि आर्थिक तंगी के कारण चारों ने खुदकुशी की थी।
दिल्ली में साल 2018 में बुराडी इलाके में हुए सामूहिक हत्याकांड ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। दरअसल, भाटिया परिवार के 11 लोगों ने तंत्र मंत्र और धार्मिक रिचुअल्स की वजह से आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में करीब तीन साल तक जांच चली, लेकिन सच्चाई आज भी सामने नहीं आई। हालांकि इसमें इसमें धार्मिक अंधविश्वास और मनोवैज्ञानिक कारण भी बताया गया था।
मध्यप्रदेश के अलीराजपुर जिले में एक किसान परिवार के पांच सदस्यों (पति, पत्नी, और तीन बच्चे) ने फांसी लगाकर आत्महत्या की। इस मामले की अभी तक गुत्थी नहीं सुलझ पाई है।