
Madhya Pradesh Renewable Energy: हरित ऊर्जा के क्षेत्र में मध्यप्रदेश ऐतिहासिक छलांग लगाने की ओर अग्रसर है। वर्तमान में राज्य में सौर, जल और पवन ऊर्जा के जरिए 5,000 मेगावॉट बिजली का उत्पादन हो रहा है, जबकि 10,000 मेगावाट क्षमता के नए सरकारी व निजी प्लांट निर्माणाधीन हैं। इसी दिशा में नीमच जिले के खिमला में तैयार हो रही 1,920 मेगावॉट क्षमता की ‘गांधीसागर पंप स्टोरेज हाइड्रो इलेक्ट्रिक परियोजना’ देश के लिए मिसाल बनने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी परियोजना का शुभारंभ कर सकते हैं। तारीख फिलहाल तय नहीं है।
यह परियोजना पारंपरिक हाइड्रो प्लांटों से अलग है। इसमें एक ही पानी को बार-बार री-सर्कुलेट कर बिजली बनाई जाएगी, जिससे पानी की एक भी बूंद व्यर्थ नहीं होगी। दिन में जब सौर ऊर्जा प्रचुर मात्रा में उपलब्ध होगी, तब बड़े मोटर पंपों से निचले जलाशय का पानी 31 मीटर ऊंचे पहाड़ पर बने ऊपरी बांध में स्टोर किया जाएगा। रात के समय इसी पानी को नीचे बने पावर हाउस की 9 टरबाइन पर गिराकर 1,920 मेगावॉट बिजली पैदा की जाएगी। पानी को वापस ऊपर भेजने के लिए रिवर्स टरबाइन भी लगाई गई हैं। उक्त परियोजना से तैयार बिजली की कुल लागत औसतन केवल 5 रुपए प्रति यूनिट आएगी, जिससे राज्य को प्रति यूनिट न्यूनतम 5 रुपए की बचत होगी।