गोदरेज समूह का दो हिस्सों में बंटवारा हो गया है। आदि गोदरेज के पास लिस्टेड कंपनियां गई हैं तो जमशेद के पास लैंड बैंक सहित अन्य कारोबार गया है। बयान के मुताबिक ब्रांड का इस्तेमाल दोनों की कंपनियां करेंगी।
साबुन और घरेलू उपकरणों से लेकर रियल एस्टेट तक फैले 127 साल पुराने और 2.74 लाख करोड़ रुपए की संपत्ति वाले गोदरेज घराने में कारोबार का बंटवारा हो गया है। गोदरेज परिवार की दो शाखाओं के बीच हुए बंटवारे में एक तरफ आदि गोदरेज और उनके भाई नादिर गोदरेज हैं, वहीं दूसरी तरफ उनके चचेरे भाई-बहन जमशेद और स्मिता हैं। बंटवारे के लिए हुए समझौते के तहत आदि गोदरेज और उनके भाई नादिर के पास गोदरेज इंडस्ट्रीज की पांच लिस्टेड कंपनियां रहेंगी जबकि उनके चचेरे भाई-बहन जमशेद और स्मिता के पास अनलिस्टेड कंपनी गोदरेज एंड बॉयस के अलावा मुंबई के विक्रोली व अन्य स्थानों पर करीब 3400 एकड़ का लैंड बैंक रहेगा।
गोदरेज समूह की ओर से जारी बयान में इस बंटवारे को ओनरशिप री-अलायनमेंट बताते हुए कहा गया है कि सद्भाव बनाए रखने और मतभेदों की स्वीकार्यता के गोदरेज परिवार के दर्शन के आधार पर सम्मानजनक रूप से यह समझौता किया गया है। दोनों समूह गोदरेज ब्रांड का उपयोग जारी रखेंगे और अपनी साझा विरासत को बढ़ाने और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। बयान के अनुसार जरूरी नियामक मंजूरियों व औपचारिकताओं के बाद यह समझौता व बंटवारा लागू होगा। आदि-नादिर के हिस्से में आई गोदरेज इंडस्ट्रीज ग्रुप में आदि की 42 वर्षीय पुत्री पिरोजशा गोदरेज कार्यकारी उपाध्यक्ष होंगी। वह अगस्त 2026 में नादिर से अध्यक्ष का पद संभालेंगी। गोदरेज एंड बॉयस समूह को सीएमडी जमशेद गोदरेज और कार्यकारी निदेशक न्यारिका होलकर संभालेंगे।
1897 में ताले बनाने से शुरू हुआ था गोदरेज समूह
गोदरेज ग्रुप की शुरुआत साल 1897 में ताले बेचने से हुई थी। आज गोदरेज ग्रुप कई सेक्टरों में कारोबार करता है। इसमें इंजीनियरिंग, इक्विपमेंट, सिक्योरिटी सॉल्यूशंस, एग्रीकल्चर प्रोडक्ट्स, रियल एस्टेट और कंज्यूमर प्रोडक्ट्स शामिल हैं। नादिर गोदरेज ने कहा कि गोदरेज समूह की स्थापना भारत की आर्थिक स्वतंत्रता के निर्माण में मदद करने के लिए की गई थी। हम 127 साल बाद भी इस विरासत को आगे बढ़ाने के लिए तत्पर हैं।