
संसद के आगामी मानसून सत्र (Parliament Monsoon Session) में केंद्र सरकार पांच नए विधेयक पेश करने जा रही है। इनमें सुप्रीम कोर्ट में जज बढ़ाने, आयकर संशोधन, जन्म-मृत्यु पंजीकरण नियमों से जुड़े विधेयक शामिल हैं। लोकसभा सचिवालय की ओर से मानसून सत्र को लेकर संभावित सरकारी कार्यसूची जारी की गई। कार्यसूची के अनुसार सरकार इन सभी विधेयकों को इसी सत्र में पारित कराने की तैयारी में है।
1. आयकर (संशोधन) विधेयक, 2026 :- यह विधेयक अध्यादेश का स्थान लेगा। इसका उद्देश्य भारत के सॉवरेन डेट मार्केट को मज़बूत करना, विदेशी निवेश आकर्षित करना और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच बाजार में तरलता बढ़ाना है और इसी बात को ध्यान में रखते हुए संशोधन प्रस्तावित किया जाएगा।
2. सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 :- यह विधेयक ही अध्यादेश का स्थान लेगा। इसका उद्देश्य सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या 34 से बढ़ाकर 38 (चीफ जस्टिस सहित) करने का प्रावधान है।
3. जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 :- इस विधेयक के ज़रिए देर से दर्ज होने वाले जन्म और मृत्यु पंजीकरण के नियमों को और सख्त बनाना है।
4. राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 :- इस विधेयक के ज़रिए सरकार राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान का क्रम निर्धारित करने और साथ ही इसे सम्मान देने संबंधी प्रावधान पेश करेगी।
5. सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026 :- इस विधेयक का उद्देश्य एमएसएमई क्षेत्र में कारोबार सुगमता बढ़ाने, विलंबित भुगतान के मामलों के समाधान को मज़बूत करने, मध्यस्थता के फैसलों के प्रभावी क्रियान्वयन और राज्यों को काउंसिल के गठन के प्रावधानों में बदलाव करना है।
मानसून सत्र के दौरान सरकार की तरफ से जन्म-मृत्यु पंजीकरण संबंधी नए विधेयक में जन्म-मृत्यु पंजीकरण में देरी पर सख्ती के प्रावधान भी पेश किए जाएंगे। नए विधेयकों के अलावा दो पुराने लंबित विधेयकों में भी संशोधन करने की तैयारी है।
1. विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 :- एफसीआरए के नाम से चर्चित इस कानून में विदेशी अंशदान का नियमन, नई पाबंदियाँ और शर्तें लगाने के प्रावधान पेश किए जाएंगे।
2. भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, 2025 :- उच्च शिक्षा की विभिन्न नियामक संस्थाओं के बजाय एकीकृत नियामक ढांचा बनाने का प्रावधान पेश किया जाएगा।