5 नवंबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

अजीत डोभाल ने बताई बिम्सटेक देशों के बीच सहयोग और मज़बूत करने की ज़रूरत, कहा – ‘चुनौतियां बढ़ीं, मिलकर काम करें सभी’

Ajit Doval At BIMSTEC Summit: भारतीय राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल बिम्सटेक सिक्योरिटी समिट में शामिल हुए जहाँ उन्होंने बिम्सटेक देशों के बीच सहयोग और मज़बूत करने की बात कही।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भारत

•

image

Tanay Mishra

•

Updated: 17 Jul 2026, 3:31 AM IST

Ajit Doval at BIMSTEC summit

अजीत डोभाल (Photo - Video Screenshot)

भारत (India) में आयोजित बिम्सटेक सिक्योरिटी समिट (BIMSTEC Security Summit) में भारतीय राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल (Ajit Doval) शामिल हुए और इस समिट को संबोधित भी किया। डोभाल ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में बिम्सटेक देशों के बीच सहयोग और ज़्यादा मज़बूत करने की ज़रूरत है। उन्होंने कहा कि दुनिया इस समय युद्ध, भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं, नई तकनीकों से पैदा हो रही सुरक्षा चुनौतियों और ग्लोबल सप्लाई चेन में व्यवधान जैसी समस्याओं का सामना कर रही है। ऐसे समय में सदस्य देशों को आपसी हितों के लिए मिलकर निर्णायक कदम उठाने होंगे।

सागर विज़न

डोभाल ने बिम्सटेक के प्रति भारत की प्रतिबद्धता पर बात करते हुए कहा, "भारत के लिए बिम्सटेक हमारी 'पड़ोसी पहले' की सोच, 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' के प्रति हमारी प्रतिबद्धता और 'सागर' विज़न को दर्शाता है, जिसका मकसद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा और विकास के लिए आपसी और सर्वांगीण प्रगति करना है।

हजारों वर्षों की साझा सभ्यता

डोभाल ने यह भी कहा कि मुश्किल परिस्थितियों में सदस्य देशों के बीच सहयोग बढ़ाना समय की ज़रूरत है। बिम्सटेक सिर्फ बंगाल की खाड़ी से जुड़े देशों का समूह नहीं है, बल्कि यह हजारों वर्षों की साझा सभ्यता, संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत से भी जुड़ा हुआ है।

बिम्सटेक देशों ने काफी आगे तक बढ़ाया है आपसी सहयोग

डोभाल का यह भी कहना है कि बिम्सटेक के सदस्य देशों ने आतंकवाद, सीमा-पार संगठित अपराध, साइबर खतरों और समुद्री सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में आपसी सहयोग को काफी आगे बढ़ाया है। इसका फायदा भारत समेत अन्य सदस्य देशों को भी होता है।

भारत के लिए अहम है बिम्सटेक

बंगाल की खाड़ी में चीन (China) के प्रभुत्व को रोकने के लिए बिम्सटेक भारत के लिए अहम है। नॉर्थ-ईस्ट को अन्य देशों से जोड़ने के लिए भी यह पहल अहम है। बिम्सटेक में भारत के साथ बांग्लादेश, म्यांमार, श्रीलंका, थाईलैंड, नेपाल और भूटान शामिल हैं। यह नॉर्थ-ईस्ट राज्यों के विकास, कनेक्टिविटी और आर्थिक एकीकरण के लिए रणनीतिक महत्व रखता है। यह संगठन 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' को भी मज़बूत करता है, जिससे भारत साउथ-सेंट्रल एशिया से जुड़ता है। बिम्सटेक के ज़रिए व्यापार, ऊर्जा, परिवहन, पर्यटन और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सदस्य देशों के बीच सहयोग बढ़ता है। यह SAARC का विकल्प भी है, क्योंकि पाकिस्तान की अनुपस्थिति में भारत बिना बाधा क्षेत्रीय नेतृत्व कर सकता है। इसके साथ ही बिम्सटेक भारत की आर्थिक वृद्धि, सुरक्षा और कूटनीतिक पहुंच के लिए भी अहम है।

बड़ी खबरें

View All

विदेश