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अमेरिका ने लगातार छठी रात की एयरस्ट्राइक्स, फिर दहला ईरान

Iran-US Conflict: ईरान पर अमेरिकी हमले जारी हैं। अमेरिकी सेना ने लगातार छठी रात एयरस्ट्राइक्स करते हुए ईरान को फिर से दहला दिया है।
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भारत

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Tanay Mishra

Jul 17, 2026

US starts striking Iran again

अमेरिका ने फिर की ईरान पर एयरस्ट्राइक्स (Photo - Video screenshot)

ईरान (Iran) पर अमेरिका (United States of America) के हमलों का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। अब अमेरिकी सेना ने लगातार छठी रात ईरान पर एयरस्ट्राइक्स कर दी है, जिसकी जानकारी अमेरिकी सेना की CENTCOM यूनिट ने दी। अमेरिकी सेना के ये हमले ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करने के लिए किए जा रहे हैं।

फिर दहला ईरान

अमेरिकी हमलों से ईरान फिर दहल उठा है। ईरानी मीडिया के अनुसार देश के दक्षिणी हिस्से में कई जगह धमाके सुनाई दिए हैं। इनमें बंदर अब्बास, अहवाज, बुशेहर शामिल हैं, लेकिन अभी और शहरों में भी धमाके होने की संभावना है।

दक्षिणी ईरान पर क्यों हमले कर रहा अमेरिका?

अमेरिकी सेना लगातार दक्षिणी ईरान में उन शहरों पर हमले कर रही है, जहाँ ईरान के मुख्य सैन्य ठिकाने, मिसाइल-ड्रोन लॉन्चिंग और प्रोडक्शन यूनिट्स और रडार साइट्स हैं। अमेरिका चाहता है कि ईरान की सैन्य क्षमता बेहद कमजोर हो जाए जिससे होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) में जहाजों पर हमले न हो।

अगले हफ्ते पावर प्लांट्स और पुलों को बनाया जा सकता है निशाना

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने ईरान को धमकी दी है कि अगर अगले हफ्ते तक ईरान ने अमेरिका के साथ डील के लिए बातचीत की टेबल पर लौटने पर सहमति नहीं जताई, तो अमेरिकी सेना ईरान के पावर प्लांट्स और पुलों पर हमला करेगी। ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना ईरान के सभी पुलों पर तब तक हमले करेगी जब तक वो डील के लिए फिर से अमेरिका के साथ बातचीत की टेबल पर नहीं आते। इतना ही नहीं, मीडिया से बात करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि जब तक वह चाहेंगे तब तक ईरान पर हमले होंगे और उनकी अनुमति से ही ईरान पर हमले रुकेंगे।

जवाबी कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगा ईरान

ईरान ने भी साफ कर दिया है कि अमेरिकी हमलों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की जाएगी और यह उनका अधिकार है। इसी वजह से ईरानी सेना लगातार बहरीन (Bahrain) और कुवैत (Kuwait) पर हमले कर रही है और अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बना रही है। गौरतलब है कि बहरीन और कुवैत दोनों ही अमेरिका के सहयोगी देश हैं। दोनों देशों में अमेरिका के कई सैन्य ठिकाने हैं, जिन पर बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिक, हथियार, फाइटर जेट्स, हेलीकॉप्टर्स और अन्य सैन्य सामग्री मौजूद हैं और इसी वजह से ईरान की सेना बहरीन और कुवैत को निशाना बना रही है।