
दिल्ली के जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे हैं सोनम वांगचुक (Photo-IANS)
Sonam Wangchuk hunger strike: सोनम वांगचुक पिछले 18 दिन से दिल्ली के जंतर मंतर पर अनशन पर बैठे हुए हैं। उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती जा रही है। डॉक्टर उनका चेकअप कर रहे हैं। वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर भी अब देश भर से आवाजें आने लगी हैं। गुरुवार को दिल्ली के पूर्व सीएम व आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल प्रदर्शनस्थल पर पहुंचे।
केजरीवाल ने कहा कि वांगचुक ने देश के लिए और बच्चों के भविष्य के लिए अपनी सेहत तक दांव पर लगा दी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा लेकर सोनम वांगचुक को देश का नया शिक्षा मंत्री बनाना चाहिए। आप संयोजक ने नीट पेपर लीक का मुद्दा उठाते हुए कहा कि परीक्षा किसी बच्चे के लिए सिर्फ एक कागज नहीं बल्कि एक सपना होता है।
केजरीवाल ने कहा कि जब मैंने IIT की परीक्षा दी थी, तब पेपर लीक नहीं होते थे। मेरे दोनों बच्चे भी IIT से पढ़ें हैं। उस दौर में भी पेपर लीक नहीं होते थे, लेकिन अब हालात पूरी तरह से बदल गए हैं । बच्चों का यह भरोसा टूटता जा रहा है कि मेहनत और काबिलियत से वे आगे बढ़ सकते हैं।
केजरीवाल ने नीट परीक्षा का जिक्र करते हुए कहा कि हर साल पेपर लीक की घटना होती है। कमेटी गठित होती है। जांच होती है। FIR दर्ज की जाती है। गिरफ्तारी भी होती है और फिर जमानत भी मिल जाती है। यह सिलसिला साल दर साल से जारी है। उन्होंने कहा कि 2024 के नीट पेपर लीक मामले के मास्टरमाइंड को भी जमानत मिल चुकी है।
उनका कहना था कि पेपर लीक के बाद 20 से ज्यादा बच्चों ने आत्महत्या कर ली थी, फिर भी सिस्टम में कोई बदलाव नहीं आया। केजरीवाल ने मोदी सरकार को इंडिया अंगेस्ट करप्शन और अन्ना आंदोलन की याद दिलाई। केजरीवाल ने कहा कि उस समय की सरकार भी घमंड में थी और तीन साल बाद सत्ता से बाहर हो गई।
कांग्रेस के संगठन महासचिव व सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि पार्टी डेढ़ महीने से ज्यादा समय से शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है। उन्होंने कहा कि हम सोनम वांगचुक की पीड़ा और आक्रोश को समझते हैं। उन्होंने सोनम वांगचुक से अनशन खत्म करने की अपील करते हुए कहा कि हम मोदी सरकार का विरोध जारी रखेंगे।
जम्मू-कश्मीर के सीएम और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने कहा कि राजनीति में संवेदना की जगह होती है। केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब से वांगचुक ने अनशन शुरू किया है, तब से केंद्र ने उनसे संपर्क नहीं किया है, जबकि अन्ना आंदोलन के समय तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने प्रदर्शनकारियों को हड़ताल खत्म करने और बातचीत शुरू करने के लिए मनाने के लिए अपने मंत्रियों को भेजा था।
सपा नेता डिंपल यादव भी सोनम वांगचुक से मिलने गई थीं। उन्होंने प्रदर्शनस्थल पर पहुंचकर केंद्र सरकार से थोड़ी संवेदनशीलता दिखाने और बाचतीच शुरू करने की अपील की। डिंपल ने कहा कि सनातन धर्म में संवेदना का बहुत बड़ा महत्व है। केरल के पूर्व सीएम व लेफ्ट नेता पिनाराई विजयन ने कहा कि केंद्र सरकार न केवल छात्रों की पीड़ा के प्रति बल्कि वांगचुक की जान के प्रति भी उदासीन बनी हुई है। उन्होंने केंद्र से अपील की कि वे एक्टिविस्ट की सेहत को और बिगड़ने न दें।
अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा ने भी इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। सिन्हा ने कहा कि वह अब चुप नहीं रह सकती हैं। उन्होंने कहा कि वांगचुक ने देश के लिए, बच्चों के भविष्य के लिए अपनी सेहत तक दांव पर लगा दी है, फिर भी बहुत लोग खामोश बैठे हैं।
Updated on:
17 Jul 2026 07:43 am
Published on:
17 Jul 2026 07:43 am
