GST Council Meeting: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में गुड्स एंड सर्विस टैक्स काउंसिल (GST Council) की पहली बैठक की। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जीएसटी काउंसिल की 53वीं मीटिंग में कई बड़े फैसले लिए हैं।
GST Council Meeting: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में गुड्स एंड सर्विस टैक्स काउंसिल (GST Council) की पहली बैठक की। आम चुनाव में जीत के बाद मोदी 3.0 सरकार में जीएसटी की इस पहली बैठक में कई राज्यों के वित्त मंत्री शामिल हुए। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जीएसटी काउंसिल की 53वीं मीटिंग में कई बड़े फैसले लिए हैं। इसमें सोलर कूकर पर 12 फीसदी GST लगाने को मंजूरी भी दे दी गई। साथ ही भारतीय रेलवे की ओर से प्रदान की जाने वाली कुछ सेवाओं में जीएसटी से छूट दी गई है।
परिषद ने सभी दूध के डिब्बों पर 12 प्रतिशत की एक समान दर निर्धारित करने की सिफारिश की है। इसका मतलब है कि दूध की पैकिेंग के लिए एल्युमीनियम, स्टील और लोहा जो भी चीज का उपयोग में हो, उस पर इसी दर से जीएसटी का भुगतान होगा। परिषद ने सभी कार्टन बॉक्स और केस पर 12 प्रतिशत की एक समान जीएसटी दर निर्धारित करने की भी सिफारिश की है।
GST काउंसिल की बैठक में फेक इनवॉइस पर रोक लगाने के लिए बायोमैट्रिक ऑथेंटिकेशन सिस्टम लागू किया जाएगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि 2017-18, 2018-19, 2019-20 के लिए डिमांड नोटिस पर ब्याज और जुर्माना दोनों माफ कर दिया जाएगा। यह उन्हीं का माफ होगा, जो 31 मार्च 2025 तक टैक्स का भुगतान करते हैं।
निर्मला सीतारमण ने पेट्रोल-डीजल को GST के दायरे में लाने का इरादा बताया। उन्होंने कहा कि इसे केंद्र सरकार का जीएसटी में लाने का इरादा है। हालांकि इसके लिए कोई संशोधन की जरूरत नहीं है। राज्यों को इसमें शामिल होकर जीएसटी दर तय करने की जरूरत है। वित्तमंत्री ने कहा कि पेट्रोल और डीजल के दामों को तर्कसंगत बनाने के लिए एक मंत्रियों के समूह का गठन हुआ है, जो अगस्त में जीएसटी काउंसिल को अपनी रिपोर्ट सौंपेगा।