फैजान उत्तर प्रदेश में कुछ नामचीन युवाओं की टारगेट किलिंग कर दहशत फैलाने की तैयारी में था
गुजरात एटीएस ने नवसारी जिले में एक बड़ी आतंकी साजिश का खुलासा करते हुए 22 वर्षीय दर्जी फैजान सलमानी को गिरफ्तार किया है। एटीएस के अनुसार, आरोपी पर टारगेट किलिंग की योजना बनाने, “जिहादी” विचारधारा फैलाने और जैश-ए-मोहम्मद व अल-कायदा जैसे प्रतिबंधित आतंकी संगठनों के प्रभाव में भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश रचने का आरोप है।
एटीएस ने यह कार्रवाई खुफिया इनपुट के आधार पर की। जानकारी एटीएस के डिप्टी एसपी हर्ष उपाध्याय को मिली थी कि उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के डुंडावाला गांव का रहने वाला फैजान, जो फिलहाल नवसारी के जरकवाड़ इलाके में रह रहा था, एक खतरनाक योजना पर काम कर रहा है।
इनपुट के मुताबिक, फैजान उत्तर प्रदेश में कुछ नामचीन युवाओं की टारगेट किलिंग कर दहशत फैलाने की तैयारी में था और साथ ही कश्मीर को भारत से अलग करने से जुड़ा “जिहाद” एजेंडा भी आगे बढ़ा रहा था।
जांच के दौरान एटीएस को इंस्टाग्राम हैंडल “al.faizangaza” पर संदेह हुआ, जिसे कथित तौर पर फैजान संचालित कर रहा था। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने गुप्त रूप से ग्राउंड वेरिफिकेशन कराया। लोकेशन कन्फर्म होते ही एटीएस और नवसारी पुलिस की संयुक्त टीम ने छापा मारकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
जांच में फैजान के मोबाइल फोन से बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक डिजिटल सामग्री बरामद हुई, जिसमें जैश-ए-मोहम्मद और अल-कायदा के समर्थन में वीडियो, ऑडियो और तस्वीरें शामिल हैं। इनमें लाल किले पर तिरंगे की जगह काला झंडा, भारत का विकृत नक्शा, “आजाद कश्मीर” के प्रतीक, खुलेआम हिंसा की धमकियां और कुछ लोगों की तस्वीरें “टारगेट” के रूप में चिह्नित मिलीं।
एटीएस को आरोपी के पास से एक पिस्टल और छह जिंदा कारतूस भी मिले, साथ ही अरबी और उर्दू में लिखी 29 पन्नों की कट्टरपंथी साहित्य सामग्री जब्त की गई। पूछताछ में फैजान ने स्वीकार किया कि वह पिछले छह-सात महीनों से मोहम्मद अबू बकर नामक हैंडलर के संपर्क में था और उसने जानबूझकर कट्टरपंथी सामग्री को फैलाया।
गुजरात एटीएस ने इस मामले में यूएपीए, भारतीय न्याय संहिता और आर्म्स एक्ट की सख्त धाराओं में केस दर्ज किया है। फिलहाल एटीएस फरार अबू बकर और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।