
Gujarat Fake Liquor Deaths : अहमदाबाद। शराबबंदी वाले गुजरात के भावनगर जिले में नकली शराब पीने से मरने वालों की संख्या बढ़कर सात हो गई, वहीं 25 अन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस मामले में चार पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जा चुका है। इसके अलावा, 21 आरोपियों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की जा चुकी है, जिनके ऊपर नकली शराब बनाने और बेचने का आरोप है।
भावनगर के पुलिस अधीक्षक नितेश पांडे ने बताया कि मामला एक ब्रांड की नकली शराब से जुड़ा है। उन्होंने जहरीली शराब की आशंका से इनकार किया है।
शुरुआती जांच में सामने आया है कि डुप्लीकेट शराब की 28 पेटियां मध्य प्रदेश के उज्जैन से भावनगर लाई गई थीं। पुलिस ने इनमें से 15 पेटियां जब्त कर ली हैं, जबकि बाकी 13 पेटियों की तलाश की जा रही है। जांच में यह भी सामने आया है कि नकली शराब की सप्लाई सूरत तक किए जाने की आशंका है। पुलिस अब सप्लाई चेन और इससे जुड़े अन्य लोगों का पता लगा रही है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए राज्य का गृह विभाग तुरंत सक्रिय हो गया। उप मुख्यमंत्री सह गृह मंत्री हर्ष संघवी ने मंगलवार देर रात अहमदाबाद एयरपोर्ट पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। इसके बाद मामले की जांच स्टेट मॉनिटरिंग सेल (एसएमसी) को सौंप दी गई। एसएमसी के पुलिस अधीक्षक मयूर सिंह चावड़ा भी भावनगर पहुंचे। उन्होंने स्थानीय पुलिस अधिकारियों के साथ जांच शुरू की।
बताया जाता है कि जिले की घोघा तहसील के खरकड़ी गांव में 16 अगस्त की रात सात दोस्तों ने साथ में शराब पी थी। इसके बाद उपेंद्रसिंह गोहिल की मौत हो गई। विश्वराजसिंह गोहिल समेत अन्य लोगों का अलग-अलग अस्पतालों में उपचार चल रहा है। घटना के बाद गांव में भी दहशत का माहौल है। मृतक कनकसिंह गोहिल के परिजनों के अनुसार उसने मंगलवार रात शराब पी थी। बुधवार को तबीयत बिगड़ने और दम घुटने की शिकायत के बाद पड़ोसी उसे सर टी अस्पताल ले गए, जहां उसकी मौत हो गई।
प्रांत अधिकारी अक्षर व्यास के अनुसार 25 लोगों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। इनमें 12 मरीज भावनगर के सर टी अस्पताल और शेष निजी अस्पतालों में भर्ती हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी ने संदिग्ध या नकली शराब का सेवन किया है और तबीयत में किसी तरह की परेशानी महसूस हो रही है तो बिना देरी किए नजदीकी अस्पताल या मेडिकल सेंटर में उपचार कराएं।