
भगवंत मान के OSD राजबीर सिंह घुम्मन (फोटो - Rajbir Singh Ghuman/फेसबुक)
Rajbir Singh Ghuman: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के OSD राजबीर सिंह घुम्मन ने ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि विधायक, मंत्री, चेयरमैन और अधिकारी ट्रांसफर से जुड़े अनुरोध लेकर उनके पास आते हैं। इनमें कई लोग निजी वजहें जैसे बच्चों की पढ़ाई या पत्नी की नौकरी का जिक्र करते हैं। हालांकि, घुम्मन के मुताबिक वह खुद ट्रांसफर का फैसला नहीं करते।
उन्होंने कहा कि उनका काम इन अनुरोधों को एकत्र करके मुख्यमंत्री के सामने रखना है। इसके बाद किसी अधिकारी का ट्रांसफर करना है या नहीं, इसका फैसला मुख्यमंत्री का होता है।
राजबीर सिंह घुम्मन ने बताया कि उनके पास विधायक, मंत्री और चेयरमैन के अलावा अधिकारी भी आते हैं। अधिकारी कई बार निजी कारण बताते हुए ट्रांसफर की मांग करते हैं। उन्होंने कहा कि कोई अधिकारी उनसे कहता है कि मेरे बच्चे छोटे हैं या मेरे बच्चे यहां पढ़ते हैं, इसलिए मुझे यहां ट्रांसफर कर दीजिए। कुछ अधिकारी पत्नी के नौकरी करने का हवाला देते हुए भी ट्रांसफर का अनुरोध करते हैं।
घुम्मन ने कहा कि विधायक, चेयरमैन और मंत्री भी ट्रांसफर के लिए डीओ लेटर देकर अनुरोध करते हैं। इन अनुरोधों को वह खुद मंजूर या खारिज नहीं करते।
OSD ने कहा कि उनकी जिम्मेदारी इन सभी अनुरोधों को कंपाइल करके मुख्यमंत्री के ध्यान में लाना है। इसके बाद किस अधिकारी का ट्रांसफर करना है और किसका नहीं, यह मुख्यमंत्री का अधिकार है। घुम्मन ने कहा कि वह सिर्फ अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं और इस वजह से किसी को उन्हें यह काम करने से रोकने का अधिकार नहीं है।
ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर शिरोमणि अकाली दल नेता बिक्रम सिंह मजीठिया की ओर से लगाए गए आरोपों पर भी घुम्मन ने जवाब दिया। उन्होंने आरोपों को खारिज करते हुए मजीठिया को चुनौती दी कि अगर उनके पास किसी तरह के आर्थिक लेन-देन से जुड़ी कोई चैट है तो उसे सार्वजनिक करें।
घुम्मन ने कहा कि अगर उनकी ऐसी कोई चैट सामने आती है जिसमें पैसे के लेन-देन का सबूत हो तो उसे लोगों के सामने पेश किया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई सबूत नहीं है तो मजीठिया को माफी मांगनी चाहिए, नहीं तो वह मानहानि का मुकदमा झेलने के लिए तैयार रहें।
घुम्मन ने आगे कहा कि अगर किसी अधिकारी से ट्रांसफर के बदले पैसे लेने का आरोप लगाया जा रहा है तो मजीठिया किसी एक अधिकारी को उनके सामने लाकर यह साबित करें। उन्होंने तहसीलदार, DSP, SP, SSP, DC, IG और DIG जैसे अधिकारियों का जिक्र करते हुए कहा कि अगर इनमें से कोई एक भी अधिकारी यह कह दे कि ट्रांसफर के लिए पैसे लिए गए तो वह आरोप का जवाब देने के लिए तैयार हैं।
यह भी कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय में किसी व्यक्ति के खिलाफ भी ऐसा आरोप साबित किया जाए तो वह उसे स्वीकार करने के लिए तैयार हैं।
घुम्मन ने दावा किया कि पिछली सरकारों के दौरान ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर अलग तरह का सिस्टम चलता था। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ पदों के लिए कथित तौर पर करोड़ों रुपये लिए जाते थे। आगे कहा कि मौजूदा सरकार ने ऐसे सिस्टम को खत्म किया है। घुम्मन ने मजीठिया पर निशाना साधते हुए कहा कि शायद उन्हें लगता है कि पहले जैसा सिस्टम अभी भी चल रहा है।
Updated on:
20 Aug 2026 03:10 pm
Published on:
20 Aug 2026 03:07 pm
