
Chandipura Virus: गुजरात में तेजी से फैल रहे चांदीपुरा वायरस को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ऋषिकेश पटेल ने बताया कि अब तक राज्य में सात बच्चों में चांदीपुरा वायरस की पुष्टि हुई है। इनमें से तीन बच्चों की मौत हो चुकी है, जबकि चार अन्य बच्चों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। हालात की समीक्षा के लिए स्वास्थ्य विभाग ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की है और पूरे राज्य में निगरानी बढ़ा दी गई है।
स्वास्थ्य मंत्री ऋषिकेश पटेल ने लोगों और डॉक्टरों से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी बच्चे को तेज बुखार, उल्टी या दौरे जैसे लक्षण दिखाई दें तो उसे बिना देरी किए नजदीकी अस्पताल ले जाएं। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों को निर्देश दिए गए हैं कि ऐसे किसी भी संदिग्ध बच्चे की तुरंत चांदीपुरा वायरस की जांच कराई जाए, ताकि समय रहते इलाज शुरू किया जा सके।
स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार, रविवार को 27 बच्चों के सैंपल की जांच की गई, जिनमें से सात बच्चों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। वहीं, आठ अन्य बच्चों की जांच रिपोर्ट आज आने की उम्मीद है। स्वास्थ्य विभाग लगातार संदिग्ध मामलों की निगरानी कर रहा है और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ऋषिकेश पटेल ने माता-पिता से अपील की कि अगर बच्चों में तेज बुखार, उल्टी या दौरे जैसे लक्षण दिखें, तो उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाएं। राज्य सरकार ने सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों को संदिग्ध मामलों की तुरंत जांच करने का निर्देश दिया है। प्रभावित इलाकों में साफ-सफाई और कीटनाशक छिड़काव का इंतजाम किया गया है । साथ ही जरूरी दवाओं का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध कराने का भरोसा भी दिया गया है।
बता दें कि चांदीपुरा वायरस (सीएचपीवी) रबडोविरिडे परिवार का एक वायरस है। इसमें रेबीज का कारण बनने वाले लाइसा वायरस जैसे अन्य सदस्य भी शामिल हैं। इस वायरस का वाहक सैंडफ्लाइज की कई प्रजातियां और कुछ मच्छर प्रजातियां मानी जाती हैं। ये वायरस इन कीड़ों की लार ग्रंथि में रहता है और इंसान को काटने पर उसके शरीर में प्रवेश करता है। यह केंद्रीय तंत्रिका तंत्र तक पहुंच सकता है, इससे एन्सेफलाइटिस (दिमाग के टिशू में सूजन) हो सकता है।