13 जुलाई 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

केरलम में पहली बार जेल में शपथ लेंगे निर्वाचित पार्षद, 14 जुलाई को होगा समारोह

ail Oath Ceremony: केरलम में स्थानीय स्वशासन के इतिहास में एक अनोखा समारोह होने जा रहा है। भाजपा पार्षद आर. सुगथन विय्यूर केंद्रीय जेल के अंदर शपथ ग्रहण करेंगे। केरलम हाई कोर्ट ने जेल परिसर के अंदर शपथ ग्रहण समारोह आयोजित करने की अनुमति दे दी है।
2 min read
Google source verification
BJP Councillor Oath

केरलम में पहली बार जेल में शपथ लेंगे निर्वाचित पार्षद,photo, IANS

Jail Oath Ceremony: केरलम में स्थानीय स्वशासन के इतिहास में एक अनोखा समारोह होने जा रहा है। भाजपा पार्षद आर. सुगथन विय्यूर केंद्रीय जेल के अंदर शपथ ग्रहण करेंगे। केरलम हाई कोर्ट ने जेल परिसर के अंदर शपथ ग्रहण समारोह आयोजित करने की अनुमति दे दी है। विय्यूर केंद्रीय जेल के अधीक्षक के कार्यालय कक्ष में 14 जुलाई को सुबह 11 बजे होने वाला यह समारोह राज्य में पहली बार होगा जब कोई निर्वाचित स्थानीय निकाय प्रतिनिधि जेल के अंदर से औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण करेगा।

कई मामलों में आरोपी है सुगथन

तिरुवनंतपुरम नगर निगम के वझोट्टुकोनम वार्ड से निर्वाचित सुगथन वर्तमान में कई आपराधिक मामलों के संबंध में केरल असामाजिक गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (केएएपीए) के तहत न्यायिक हिरासत में हैं। इस महीने की शुरुआत में, उन्हे तिरुवनंतपुरम की एक स्थानीय अदालत से दो अलग-अलग आपराधिक मामलों में जमानत मिली है। हालांकि, केएएपीए के तहत जारी निवारक हिरासत आदेश की पालना में उनकी रिहाई नहीं हो सकी है।

हाई कोर्ट के आदेश के बाद मिला अवसर

हाई कोर्ट ने हाल ही में तिरुवनंतपुरम नगर निगम के 20 पार्षदों को शपथ का उल्लंघन करने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया था और उन्हें चार सप्ताह के भीतर पुनः शपथ लेने का निर्देश दिया था। 19 पार्षदों ने हाईकोर्ट के आदेशों की पालन की। सुगथन एकमात्र ऐसे शख्स जो न्यायिक हिरासत में होने के कारण शपथ नहीं ले सके। वहीं पुनः शपथ लेने की अंतिम तिथि 24 जुलाई को समाप्त हो रही है, और अब सुगथन भी पुनः शपथ ले सकेंगे।

महापौर व भाजपा नेता रहेंगे मौजूद

तिरुवनंतपुरम के महापौर और वरिष्ठ भाजपा नेता वीवी राजेश को भी शपथ ग्रहण समारोह में उपस्थित रहने की अनुमति दी गई है। हाई कोर्ट के आदेश के माध्यम से कानूनी बाधाओं को दूर करने और कारागार विभाग की मंजूरी के बाद यह व्यवस्था की गई है, जिससे निर्वाचित प्रतिनिधि के रूप में सुगथन के संवैधानिक अधिकार की रक्षा सुनिश्चित हो सके।

बड़ी खबरें

View All

तिरुवनन्तपुरम

केरल

ट्रेंडिंग