
Five Killed in Guwahati : गुवाहाटी। असम की राजधानी गुवाहाटी में होटल की लीज को लेकर चल रहा विवाद सोमवार रात खूनी वारदात में बदल गया। महज कुछ लाख रुपयों के लीज और बकाए किराए के विवाद ने ऐसा खूनी रूप अख्तियार किया कि चंद मिनटों में 5 जानें चली गईं। असम पुलिस मुख्यालय से महज दो किलोमीटर दूर 'होटल बिलास इन' में अंजाम दिए गए इस खूनी खेल ने पूरे शहर को सन्न कर दिया है। इस हत्याकांड में होटल मालिक समेत परिवार के चार लोगों की हत्या हुई है। वहीं इस घटना में होटल के केयरटेकर की भी जान चली गई। पुलिस ने घटना के करीब एक घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। शुरुआती जांच में वारदात की वजह होटल के लीज समझौते से जुड़ा विवाद सामने आया है। हालांकि, पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
पुलिस आयुक्त पार्थ सारथी महंत के अनुसार, मृतकों में होटल की सह-मालकिन, उनका बेटा, बहू, भाई और संपत्ति की देखभाल करने वाला व्यक्ति शामिल हैं। इनमें चार लोग एक ही परिवार के थे, जबकि एक अन्य व्यक्ति उनके गांव का रहने वाला था। पुलिस ने मृतकों में से तीन की पहचान हेलेना भराली, देबोर्शी कश्यप और नारायण दास के रूप में की है। घायल सत्येन पाठक (42) के कंधे में गोली लगी है। उन्हें गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों के अनुसार उनकी हालत स्थिर है। घटना में देबर्षि और उनकी पत्नी की मौत के बाद उनके दो छोटे-छोटे बच्चे पूरी तरह अनाथ हो गए हैं। सिर से माता-पिता का साया एक साथ उठने से परिवार में कोहराम मचा है।
पुलिस ने बताया कि डिब्रूगढ़ के मूल निवासी और गुवाहाटी के सावकुची-लोखरा इलाके में रहने वाले घनाकांत गोगोई ने करीब एक साल पहले होटल बिलास इन को लीज पर लिया था। होटल जीएस रोड पर बोरा सर्विस के सामने स्थित है। लीज समझौते और किराए के भुगतान को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद चल रहा था। सोमवार को होटल विवाद सुलझाने के लिए संबंधित पक्षों को बातचीत के लिए बुलाया गया था। होटल की सह-मालकिन हेलना भराली के परिवार के सदस्य भी बैठक में पहुंचे थे।
बताया जा रहा है कि बातचीत के दौरान दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया। इसके बाद रात करीब नौ बजे होटल परिसर में गोलीबारी हुई। पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, गोलीबारी का संबंध लीज समझौते को लेकर हुए विवाद से हो सकता है। हालांकि, बैठक में वास्तव में क्या हुआ और गोली चलाने की नौबत कैसे आई, यह जांच का विषय है।
वारदात के बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की। पुलिस आयुक्त के मुताबिक, गोलीबारी में इस्तेमाल किए जाने की आशंका वाली .32 बोर की लाइसेंसी पिस्तौल आरोपी से बरामद की गई। उसे घटना के करीब एक घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोपी को पहले कहां पकड़ा गया, इस संबंध में शुरुआती विवरणों में पलटन बाजार और सावकुची इलाके का उल्लेख है। पुलिस अब हथियार, घटनास्थल और वैज्ञानिक साक्ष्यों की जांच कर रही है, ताकि गोलीबारी के पूरे घटनाक्रम का पता लगाया जा सके। मृतकों के परिवार ने आरोप लगाया है कि हत्याएं सुनियोजित थीं।
घटना के बाद असम कांग्रेस अध्यक्ष और जोरहाट के सांसद गौरव गोगोई ने शोक जताते हुए गुवाहाटी की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से मामले की गंभीरता से जांच कराने, जवाबदेही तय करने और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
होटल की लीज की शर्तें क्या थीं, किराए को लेकर विवाद कितना पुराना था, बैठक के दौरान किस बात पर कहासुनी हुई और गोलीबारी किस क्रम में हुई-इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आएंगे। फिलहाल पुलिस फॉरेंसिक और वैज्ञानिक साक्ष्य जुटा रही है।