
सुप्रीम कोर्ट। (File Photo- Patrika)
Supreme Court hearing: सुप्रीम कोर्ट ने भारत निर्वाचन आयोग के कामकाज और मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ याचिकाओं पर सुनवाई टाल दी है। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) की अध्यक्षता वाली पीठ ने याचिकाकर्ताओं को निर्वाचन आयोग के हलफनामे पर अपना जवाब दाखिल करने के लिए 10 दिन का समय दिया है। यह समय याचिकाकर्ता राकेश सिंह की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह के अनुरोध पर दिया गया। उन्होंने कोर्ट को बताया कि निर्वाचन आयोग का जवाब कल रात ही मिला है और विस्तृत जवाब तैयार करने के लिए समय चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिकाओं में आरोप लगाया गया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कई अहम नीतिगत मामलों में एकतरफा फैसले लिए हैं, जो आम सहमति या बहुमत से लिए जाने चाहिए थे। विशेष रूप से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े फैसलों में नियमों की अनदेखी के आरोप लगाए गए हैं।
याचिकाओं में कहा गया है कि इस संवैधानिक संस्था की कार्यप्रणाली को दरकिनार करके मनमाने फैसले लिए गए, जिससे चुनाव आयोग की निष्पक्षता और कामकाज पर सवाल खड़े होते हैं।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता राकेश सिंह की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील विकास सिंह ने बेंच को बताया कि भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने काफी देरी के बाद कल रात ही अपना औपचारिक जवाब दाखिल किया है। उन्होंने दलील दी कि न्याय के हित में आयोग के जवाब का विश्लेषण करने और अपना जवाब तैयार करने के लिए कुछ और समय दिया जाना चाहिए।
इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए बेंच ने याचिकाकर्ताओं को 10 दिन का समय दे दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस मामले में अगली सुनवाई 10 दिन की अवधि पूरी होने और दिवाली की छुट्टियां खत्म होने के बाद ही होगी।
इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले से जुड़ी सभी याचिकाओं को लेकर भारत निर्वाचन आयोग (ECI) को एक औपचारिक नोटिस जारी किया है। इनमें लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन के कई वरिष्ठ नेताओं द्वारा दायर याचिकाएं शामिल हैं। इन याचिकाओं में मौजूदा चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को निलंबित करने की मांग की गई है।
इसके अलावा, उन्होंने चुनाव आयोग के कामकाज में कथित प्रशासनिक और चुनावी अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच की भी मांग की है। विपक्ष का आरोप है कि आयोग जिस तरह से काम कर रहा है, वह स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए जरूरी लोकतांत्रिक सिद्धांतों के खिलाफ है।
Updated on:
27 Oct 2026, 1:21 PM IST
Published on:
27 Oct 2026, 1:09 PM IST
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