
Hardeep Singh Puri Statement: केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी (Hardeep Singh Puri) ने एथेनॉल मिश्रित ईंधन E20 को लेकर उठ रहे सवालों और आलोचनाओं को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि यह ईंधन पूरी तरह सेफ, वैज्ञानिक रूप से टेस्ट और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रमाणित है। उन्होंने आरोप लगाया कि E85 फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों की शुरुआत के बाद एथेनॉल मिश्रित ईंधन के खिलाफ सुनियोजित तरीके से गलत जानकारी फैलाने की कोशिशें तेज हो गई हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शेयर किए गए अपने बयान में हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि भारत में अप्रैल 2023 से E15, अप्रैल 2024 से E19 और अप्रैल 2025 से E20 पेट्रोल का व्यापक स्तर पर उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इतने बड़े पैमाने पर उपयोग के बावजूद कहीं भी कोई बड़ी तकनीकी या सुरक्षा संबंधी समस्या सामने नहीं आई है। मंत्री के अनुसार, देश में 20 करोड़ से अधिक दोपहिया और 20 लाख से ज्यादा चारपहिया वाहन कई सालों से सफलतापूर्वक E20 ईंधन पर चल रहे हैं। इसके बावजूद अचानक एथेनॉल मिश्रण के खिलाफ अभियान चलाया जाना कई सवाल खड़े करता है।
हरदीप सिंह पुरी ने दावा किया कि 5 जून को E85 फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के लिए ईंधन लॉन्च किए जाने के बाद एथेनॉल मिश्रित ईंधन के खिलाफ नकारात्मक अभियान तेज हो गया। उन्होंने कहा, अगर घटनाक्रम और समय को ध्यान से देखा जाए तो यह पैटर्न नजरअंदाज करना मुश्किल है। E85 अनुकूल वाहनों की शुरुआत के तुरंत बाद E20 को लेकर डर और भ्रम फैलाने की कोशिशें बढ़ गईं। मंत्री ने इसे भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि इससे आयातित कच्चे तेल पर देश की निर्भरता कम होगी।
हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि भारत अपनी कुल जरूरत का 85 प्रतिशत से अधिक कच्चा तेल आयात करता है। इतना ही नहीं, वैश्विक तेल मांग में होने वाली वृद्धि का लगभग 30 प्रतिशत योगदान भारत से आता है। ऐसे में घरेलू वैकल्पिक ईंधनों का विस्तार देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल में मिश्रित प्रत्येक लीटर एथेनॉल कई स्तरों पर देश को लाभ पहुंचाता है।
कच्चे तेल के आयात में कमी आती है।
भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होती है।
वायु प्रदूषण कम करने में मदद मिलती है।
किसानों की आय में बढ़ोतरी होती है।
विदेशी मुद्रा की बचत होती है।
वैश्विक तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर कम होता है।
केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट कहा कि E20 पेट्रोल व्यापक वैज्ञानिक परीक्षणों से गुजर चुका है और यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार्य तथा सुरक्षित ईंधन है। उन्होंने कहा कि इसके उपयोग को लेकर लोगों में भ्रम फैलाने का कोई आधार नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम ने देश के अन्नदाता किसानों को ऊर्जादाता बनाने का काम किया है, क्योंकि इससे किसानों को आय का एक अतिरिक्त और स्थायी स्रोत मिला है।
हरदीप सिंह पुरी ने याद दिलाया कि एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम की शुरुआत पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान हुई थी। ऐसे में अब इसके तेजी से विस्तार का विरोध राजनीतिक कारणों से प्रेरित प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम केवल आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता कम करने तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत को भू-राजनीतिक तनाव, वैश्विक आपूर्ति संकट और अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जैसे जोखिमों से भी अधिक मजबूत बनाता है।