Health Insurance: प्रीमियम का भुगतान नहीं करने पर भी ग्रेस पीरियड के दौरान मिलेगा कवरेज, इंश्योरेंस: इरडा का बीमा कंपनियों को निर्देश
Health Insurance: अगर हेल्थ इंश्योरेंस का प्रीमियम किस्तों में मंथली, तीन महीने, छह महीने और सालाना आधार पर जमा किया जाता है, तो हेल्थ और जनरल इंश्योरेंस कंपनियों को अब अनिवार्य रूप से ग्रेस पीरियड के दौरान बीमा कवरेज प्रदान करना होगा। बीमा कंपनियां पॉलिसीधारकों को आमतौर पर पॉलिसी रिन्यू की तय तारीख से चूकने पर बीमा प्रीमियम का भुगतान करने के लिए ग्रेस पीरियड देती हैं। इरडा ने हाल ही में जारी अपने मास्टर सर्कुलर में कहा, अगर पॉलिसी अवधि के दौरान प्रीमियम का भुगतान किस्तों में किया जाता है, तो ग्रेस पीरियड के लिए भी कवरेज उपलब्ध होगा। इरडा के मुताबिक, जहां प्रीमियम का भुगतान मासिक किस्तों के जरिए किया जाता है, वहां ग्रेस पीरियड 15 दिन का होगा। जो लोग तिमाही, छह महीने या सालाना आधार पर स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम का भुगतान करते हैं वे 30 दिन का ग्रेस पीरियड पाने के हकदार हैं, जिस दौरान वे बीमा का लाभ उठा सकते हैं।
इससे पहले बीमा कंपनियों के लिए ग्रेस पीरियड के दौरान स्वास्थ्य बीमा कवरेज देना अनिवार्य नहीं था। एचडीएफसी एर्गो जनरल इंश्योरेंस के डायरेक्टर पार्थनील घोष ने बताया, पहले बीमा कंपनियां ग्राहकों की ओर से खरीदी गई पॉलिसी के प्रकार के आधार पर ग्रेस पीरियड देती हैं, लेकिन कंपनियां ग्रेस पीरियड के दौरान कोई पॉलिसी कवरेज नहीं देती हैं। अब रेगुलेटरी बॉडी ने स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियों के लिए विभिन्न किस्तों के साथ ग्रेस पीरियड को स्टैंडर्डाइज्ड किया है और बीमाकर्ताओं से ग्रेस पीरियड के दौरान भी क्लेम कवरेज प्रदान करने के लिए कहा है। ग्रेस पीरियड को स्टैंडर्डाइज्ड करना ग्राहकों के लिए फायदेमंद होगा। इससे उन्हें यह याद रखना आसान हो जाएगा कि किस तरह की स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी के लिए कौन सी ग्रेस पीरियड लागू होगी और उसके अनुसार भुगतान करना होगा।
कैशलेस इलाज के लिए बीमा कंपनियों को एक घंटे में अप्रूवल में देने के नए नियम से बीमाधारक को अस्पताल में जल्द से जल्द इलाज मिलना शुरू हो जाएगा। साथ ही हॉस्पिटल से जैसे ही मरीज के डिस्चार्ज की रिक्वेेस्ट मिलेगी, उसके महज 3 घंटे के भीतर ही बीमा कंपनियों को क्लेम सेटसमेंट करना जरूरी होगा। क्लेम सेटलमेंट में देरी होने पर अस्पताल के अतिरिक्त बिल का भुगतान बीमा कंपनी अपनी जेब से करेगी।