सीएम सुक्खू ने विधानसभा में यह घोषणा की वे खुद, राज्य के सभी मंत्री, मुख्य संसदीय सचिव और कैबिनेट दर्जा प्राप्त मंत्री वेतन, महंगाई भत्ता एवं अन्य भत्ते नहीं लेंगे।
हिमाचल प्रदेश के सरकारी खजाने की हालत खराब होने के चलते मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और उनके मंत्री अगले दो माह तक वेतन-भत्ते नहीं लेंगे। कैबिनेट में इस मामले में चर्चा के बाद खुद सीएम सुक्खू ने विधानसभा में यह घोषणा की। सुक्खू ने कहा कि वे खुद, राज्य के सभी मंत्री, मुख्य संसदीय सचिव और कैबिनेट दर्जा प्राप्त मंत्री वेतन, महंगाई भत्ता एवं अन्य भत्ते नहीं लेंगे। उन्होंने कहा कि यह छोटी राशि है लेकिन प्रतीकात्मक है। उन्हाेंने विधायकों से भी इस संबंध में योगदान देने का अनुरोध किया। सीएम ने कहा कि राज्य वित्तीय संकट में है और फिलहाल हालात सुधरने की उम्मीद नहीं दिखती।
जगनमोहन रेड्डी की पार्टी वायएसआर कांग्रेस के दो राज्यसभा सांसदों एम. वेंकटरमण राव और बीधा मस्तान राव ने राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया। उन्हाेंने राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ को अपने इस्तीफे सौंपे। उनके आंध्रप्रदेश मुख्यमंत्री एन.चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली टीडीपी में शामिल होने की संभावना है। दोनों के इस्तीफे से राज्यसभा में वायएसआर कांग्रेस के सदस्यों की संख्या नौ रह गई है। आंध्रप्रदेश विधानसभा में बड़े बहुमत के कारण उपचुनाव में ये दोनों सीटें टीडीपी का जीतना तय है।