
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar) के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस (Congress) समेत सभी विपक्षी दलों का विरोध प्रदर्शन बढ़ता ही जा रहा है। राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra) के नेतृत्व में आज इंडिया ब्लॉक के कई नेताओं और समर्थकों ने सुप्रीम कोर्ट तक मार्च किया जहाँ राहुल ने ज्ञानेश के इस्तीफे की मांग करते हुए याचिका दायर की। राहुल समेत 10 अन्य विपक्षी नेताओं ने भी इस याचिका पर हस्ताक्षर किए। इस पूरे मामले पर अब असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) ने विपक्ष पर बड़ा आरोप लगाया है।
गुवाहाटी में मीडिया ब्रीफिंग के दौरान सीएम हिमंत ने कहा, "यह कोई आंदोलन नहीं है। यह 'दिमागी नक्सलियों' का सत्ता परिवर्तन प्रोजेक्ट है। यह बिना जन-समर्थन के भारत में सत्ता परिवर्तन करने की कोशिश है। इस पूरे आंदोलन को विदेशी ताकतों का समर्थन हासिल है, जो नहीं चाहतीं कि भारत तरक्की करे। इसलिए यह आंदोलन हताश लोगों, 'दिमागी नक्सलियों' और उन लोगों की उपज है जो भारत की तरक्की नहीं चाहते।"
सीएम हिमंत ने देश में SIR की ज़रूरत पर भी अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की। उन्होंने कहा, "आज देश को SIR की ज़रूरत क्यों है? जब इंद्रजीत गुप्ता गृह मंत्री थे, तो उन्होंने खुद संसद में कहा था कि असम की वोटर लिस्ट में 30 लाख विदेशी नागरिकों के नाम शामिल थे। आज असम, बंगाल, झारखंड और बिहार में जो डेमोग्राफिक बदलाव दिख रहे हैं, वो साफ दिखाते हैं कि बांग्लादेश से हमारे देश में रोज़ घुसपैठ होती है। आज ममता बनर्जी में बंगाल में सड़क पर विरोध प्रदर्शन करने की हिम्मत नहीं है, फिर भी वह दिल्ली भाग आई हैं। यहाँ तक कि असम के नगाँव में चुनाव जीतने के बाद क्या किसी ने दावा किया है कि बीजेपी गलती से जीती है? लोग असल में जीत का जश्न मना रहे हैं। अगर वोट चोरी हुए होते, तो हंगामा होता, लोग विरोध करते और सड़कों पर उतर आते। इसके बजाय धार्मिक अल्पसंख्यकों की बहुलता वाले इलाकों में भी लोग बीजेपी की जीत का जश्न मना रहे हैं।"
सीएम हिमंत ने आगे कहा, "राहुल गांधी और पूरी कांग्रेस पार्टी अभी विदेशी ताकतों के इशारे पर काम कर रही है। उन्हें देश का सुप्रीम कोर्ट, चुनाव आयोग और संसद पसंद नहीं है; उन्हें देश के युवा भी पसंद नहीं हैं।"