
E20 Petrol: देशभर में E20 पेट्रोल को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार तरह-तरह के दावे और वीडियो वायरल हो रहे हैं। कई पोस्ट में पेट्रोल में पानी की मिलावट दिखाकर इसकी गुणवत्ता पर सवाल उठाए जा रहे हैं। इन दावों के बीच देश की प्रमुख तेल विपणन कंपनी हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) ने बड़े स्तर पर जांच अभियान चलाया है। कंपनी ने हजारों पेट्रोल पंपों पर ईंधन की गुणवत्ता की जांच कर स्पष्ट किया है कि अब तक किसी भी पंप पर मिलावट या गुणवत्ता से जुड़ी कोई गंभीर अनियमितता नहीं मिली है।
पिछले कुछ महीनों में E20 पेट्रोल को लेकर सोशल मीडिया पर कई वीडियो और पोस्ट तेजी से वायरल हुए। इनमें दावा किया गया कि पेट्रोल में पानी या अन्य पदार्थों की मिलावट की जा रही है। इन दावों को गंभीरता से लेते हुए HPCL ने देशभर में व्यापक स्तर पर निरीक्षण अभियान शुरू किया जिससे ईंधन की गुणवत्ता को लेकर उपभोक्ताओं के बीच किसी भी तरह की शंका दूर की जा सके।
HPCL के मुताबिक, 7 जुलाई से 13 जुलाई के बीच देशभर में 3,651 पेट्रोल पंपों पर विशेष जांच की गई। इस दौरान 2,173 रिटेल आउटलेट्स से ईंधन के नमूने लेकर उनकी गुणवत्ता का परीक्षण किया गया। इसके अलावा 3 जुलाई से 13 जुलाई के बीच 1,385 नियमित निरीक्षण भी किए गए, जिनमें ईंधन की गुणवत्ता और संचालन मानकों की जांच शामिल रही।
जांच अभियान के दौरान HPCL ने केवल नियमित निरीक्षण ही नहीं किए, बल्कि 93 सरप्राइज इंस्पेक्शन भी आयोजित किए। इसके साथ ही कंपनी की मोबाइल लैबोरेटरी यूनिट के जरिए 49 ईंधन नमूनों का मौके पर ही परीक्षण किया गया, जिससे किसी भी संभावित गड़बड़ी का तुरंत पता लगाया जा सके।
HPCL ने जांच के बाद बताया कि जिन 3,651 पेट्रोल पंपों का निरीक्षण किया गया, उनमें से किसी भी स्थान पर ईंधन में मिलावट, संदूषण, गुणवत्ता मानकों के उल्लंघन या किसी अन्य गंभीर अनियमितता का कोई मामला सामने नहीं आया। कंपनी का कहना है कि सभी जांचे गए नमूने निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरे उतरे हैं।
तेल कंपनी ने लोगों से अपील की है कि E20 पेट्रोल को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे अपुष्ट वीडियो और दावों पर भरोसा ना करें। यदि किसी उपभोक्ता को ईंधन की गुणवत्ता को लेकर कोई संदेह हो, तो वह संबंधित पेट्रोल पंप या कंपनी के आधिकारिक शिकायत तंत्र के माध्यम से शिकायत दर्ज करा सकता है। HPCL ने भरोसा दिलाया है कि ईंधन की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए नियमित निगरानी और जांच आगे भी जारी रहेगी।