
Hyderabad School Controversy: हैदराबाद से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां के सैदाबाद इलाके में एक निजी स्कूल द्वारा कक्षा 2 के एक मासूम हिंदू छात्र को 'कलमा' लिखने और याद करने का होमवर्क दिए जाने पर भारी विवाद खड़ा हो गया है। बच्चे के माता-पिता ने जब स्कूल पहुंचकर विरोध जताया, तो प्रशासन के पास कोई जवाब नहीं था। इस पूरे मामले को लेकर हैदराबाद के गौशाला से विधायक टी. राजा सिंह लोध ने स्कूल प्रबंधन और AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर तीखा हमला बोला है। राजा सिंह ने आरोप लगाया है कि यह बच्चों के 'इस्लामीकरण' की एक सोची-समझी साजिश है।
विधायक टी. राजा सिंह ने इस घटना पर गुस्सा जाहिर करते हुए कहा कि इतने छोटे बच्चे पर कलमा पढ़ने का दबाव बनाना बेहद शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि सैदाबाद का यह इलाका असदुद्दीन ओवैसी के संसदीय क्षेत्र (हैदराबाद) में आता है। राजा सिंह ने ओवैसी पर निशाना साधते हुए कहा कि जब देश के किसी भी हिस्से में किसी मुस्लिम या यहां तक कि किसी संदिग्ध तत्व के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई होती है, तो ओवैसी तुरंत मीडिया के सामने आकर बयानबाजी शुरू कर देते हैं। लेकिन आज जब उनके अपने ही संसदीय क्षेत्र में एक मासूम हिंदू बच्चे के साथ ऐसा हुआ, तो उनका मुँह पूरी तरह से बंद क्यों है?
विधायक ने आरोप लगाया कि यह कोई इस तरह की पहली घटना नहीं है, बल्कि तेलंगाना में पहले भी इस तरह के कई मामले सामने आ चुके हैं। उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों से लेकर कॉलेज के छात्रों तक, सभी का एक खास योजना के तहत इस्लामीकरण करने का प्रयास किया जा रहा है। इस तरह की हरकतों के पीछे भारत के प्रति गद्दारी करने और 'गजवा-ए-हिंद' जैसी सोच को बढ़ावा देने का एजेंडा काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि ओवैसी इस गंभीर मामले पर इसलिए चुप्पी साधे हुए हैं क्योंकि यह सब उन्हीं के लोगों द्वारा किया जा रहा एक बड़ा षड्यंत्र है।
इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए विधायक टी. राजा सिंह ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी से तुरंत एक्शन लेन की मांग की है। उनका कहना है जो भी स्कूल हिंदुओं पर जबरन कलमा पढ़ने का दबाव बना रहे हैं, उन पर केस दर्ज होना चाहिए और उन स्कूलों को तुरंत सील (बंद) कर देना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने सरकार से मांग की कि आगे से कोई भी स्कूल ऐसा काम न कर सके, इसके लिए एक सख्त कानून बनाया जाना चाहिए।
अपने बयान के आखिरी में विधायक टी. राजा सिंह ने हिंदू समाज के लोगों और अभिभावकों से सतर्क रहने को कहा है। उन्होंने कहा कि अभिभावकों को यह देखना चाहिए कि स्कूल का संचालन कोई बुर्कें वाली या टोपी वाला तो नहीं कर रहा है, जो हमारे बच्चों को कलमा पढ़वाएं। साथ ही स्कूल की अच्छी तरह जांच-पड़ताल कर ले कि वहां का स्टाफ और माहौल कैसा है।
यह मामला हैदराबाद के सैदाबाद स्थित स्कूल का है। यहां दूसरी कक्षा के एक हिंदू छात्र को होमवर्क में कुरान की आयत (कलमा) याद करके स्कूल में सुनाने को कहा गया। जब बच्चे ने घर पर यह बात बताई, तो नाराज माता-पिता तुरंत स्कूल पहुंचे और विरोध जताया। अभिभावकों का कहना है कि हिंदू बच्चे को दूसरे धर्म की प्रार्थना याद करने के लिए मजबूर करना गलत है। उन्होंने इसे धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।