Jharkhand: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एक बार फिर चेतावनी दी है कि केंद्र सरकार ने अगर झारखंड के बकाया एक लाख 36 हजार करोड़ रुपये नहीं दिए, तो राज्य से एक ढेला कोयला और खनिज बाहर नहीं जाने देगी।
Hemant Soren: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एक बार फिर केंद्र सरकार को बकाया भुगतान करने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र ने झारखंड के बकाया एक लाख 36 हजार करोड़ रुपये नहीं दिए, तो उनकी सरकार कानूनी लड़ाई शुरू करेगी। इसके साथ ही जरूरत पड़ी तो राज्य से एक ढेला कोयला और खनिज बाहर नहीं जाने दिया जाएगा। झारखंड मुक्ति मोर्चा की स्थापना दिवस पर मंगलवार को गिरिडीह के झंडा मैदान में आयोजित बड़ी जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सोरेन ने कहा कि हम भले सरकार में हैं, लेकिन राज्य के गरीबों, पिछड़ों, आदिवासियों के अधिकारों के लिए सड़क पर उतरकर संघर्ष करने के लिए तैयार हैं।
विरोधियों पर हमला बोलते हुए सीएम सोरेन ने कहा कि जब विपक्ष पार्टी सता में थी इन्होंने राज्य को दलदल में धकेल दिया था। बीते पांच साल में हमारी सरकार राज्य को उसी दलदल से बाहर निकालने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि अब आने वाले दिनों में हमारी सरकार झारखंड को देश के सबसे विकसित राज्यों की क़तार में लाकर खड़ा करने जा रही है।
झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने कहा कि उनकी सरकार की कोशिशों का असर देखने को मिलने लगा है। बेहतर अर्थव्यवस्था की वजह से नीति आयोग ने झारखंड को चार सर्वश्रेष्ठ राज्यों में स्थान दिया है। सीएम सोरेन ने राज्य में गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोगों को गरीबी से उबारने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा है कि हमारी सरकार जो कहती है, वह कर दिखाती है। मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के तहत महिलाओं को एक हजार से बढ़ाकर 2,500 रुपये हर माह देने के वादे को हमारी सरकार ने पूरा किया है।
देश की अर्थव्यवस्था पर चिंता जताते हुए सोरेन ने कहा कि महंगाई लगातार बढ़ती ही जा रही है। केंद्र सरकार इसको रोकने के लिए कोई प्रयास नहीं कर रही है। नमक, दूध, दही, चाय, चीनी, कपड़ा, कागज, जूता- तमाम चीजों पर टैक्स लाद दिया गया है। उन्होंने कहा कि इतनी महंगाई पहले कभी नहीं देखी गई।