राष्ट्रीय

नौकरियां खा जाएगा AI? गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई बोले- तकनीक से डरने की…

India AI Impact Summit 2026: भारत में आयोजित होने वाली एआई समिट के दौरान गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने एआई के भविष्य को लेकर बात की। उन्होंने क्या कुछ कहा, चलिए जानते हैं।

2 min read
India AI Impact Summit 2026 (सोर्स- एक्स)

India AI Impact Summit 2026: नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में उस वक्त खास हलचल दिखी, जब गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के भविष्य पर अपनी राय रखी। तेजी से बदलती तकनीकी दुनिया के बीच जहां आम लोगों में ये डर बना रहता है कि एआई उनकी नौकरियां छीन लेगा, वहीं पिचाई ने इस धारणा को चुनौती देते हुए एक अलग दृष्टिकोण सामने रखा।

‘वर्कफोर्स बदलेगी, खत्म नहीं होगी’ (India AI Impact Summit 2026)

समिट के दौरान अपने संबोधन में पिचाई ने कहा कि एआई काम करने के तरीके को जरूर बदलेगा, लेकिन ये बदलाव मौकों के साथ आएगा। उनके मुताबिक, कई प्रक्रियाएं स्वचालित होंगी, जिससे पारंपरिक भूमिकाओं का स्वरूप बदलेगा। हालांकि, इसके समानांतर नई तरह की नौकरियां और कौशल आधारित करियर भी उभरेंगे।

उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि दो दशक पहले डिजिटल कंटेंट क्रिएटर जैसा पेशा लगभग न के बराबर था, लेकिन आज यह लाखों युवाओं की आय का साधन बन चुका है। पिचाई का मानना है कि ठीक इसी तरह एआई भी आने वाले वर्षों में ऐसे क्षेत्रों को जन्म देगा, जिनकी आज हम कल्पना भी नहीं कर पा रहे हैं।

डिजिटल डिवाइड से ‘एआई डिवाइड’ का खतरा

पिचाई ने एक अहम चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि दुनिया पहले ही डिजिटल असमानता का सामना कर रही है, ऐसे में यह जरूरी है कि तकनीक की अगली लहर सामाजिक खाई को और चौड़ा न कर दे। अगर एआई तक समान पहुंच सुनिश्चित नहीं की गई, तो यह असमानता और गहरी हो सकती है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि मजबूत कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतर इंटरनेट कनेक्टिविटी और कौशल विकास में निवेश अनिवार्य है। तभी एआई का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंच पाएगा।

भारत में बड़ा दांव (India AI Impact Summit 2026)

समिट के दौरान पिचाई ने भारत के लिए एक बड़ी घोषणा भी की। उन्होंने बताया कि गूगल देश में 15 बिलियन डॉलर का निवेश करेगा, जिसके तहत विशाखापत्तनम में एक अत्याधुनिक फुल-स्टैक एआई हब स्थापित किया जाएगा। ये केंद्र न सिर्फ तकनीकी शोध को गति देगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा।

इसके साथ ही कंपनी भारत सरकार के साथ मिलकर 10 हजार स्कूलों में जनरेटिव एआई टूल्स उपलब्ध कराने की योजना पर काम करेगी। इसका मकसद छात्रों को शुरुआती स्तर पर ही उन्नत तकनीक से जोड़ना और भविष्य के लिए तैयार करना है।

कौशल विकास पर फोकस

पिचाई ने कहा कि एआई के दौर में सिर्फ तकनीक बनाना काफी नहीं है, बल्कि लोगों को उसके अनुरूप प्रशिक्षित करना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले समय में शिक्षा व्यवस्था को अधिक लचीला और तकनीक-समर्थ बनाना होगा।

भारत की भूमिका अहम

अपने संबोधन के अंत में पिचाई ने भारत को एआई क्रांति का महत्वपूर्ण साझेदार बताया। उन्होंने कहा कि भारत की युवा आबादी, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और नवाचार की क्षमता इसे वैश्विक एआई परिदृश्य में अग्रणी भूमिका निभाने का अवसर देती है।

एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में पिचाई का संदेश साफ था- तकनीक से डरने की बजाय उसे समझना और अपनाना जरूरी है। अगर सही नीति, निवेश और प्रशिक्षण के साथ आगे बढ़ा जाए, तो एआई रोजगार छीनने की बजाय उन्हें और बेहतर बनाने का माध्यम बन सकता है।

Updated on:
19 Feb 2026 01:08 pm
Published on:
19 Feb 2026 01:07 pm
Also Read
View All

अगली खबर