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गलगोटिया यूनिवर्सिटी की और बढ़ेंगी मुश्किलें, केंद्रीय मंत्री ने दिया बड़ा बयान, कहा- AI समिट खत्म होने के बाद…

इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 में गलगोटिया यूनिवर्सिटी द्वारा प्रदर्शित रोबोटिक कुत्ते (Unitree Go2) को अपना स्वदेशी नवाचार बताने पर विवाद बढ़ गया है।

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भारत

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Mukul Kumar

Feb 19, 2026

Galgotia University controversy

गलगोटिया यूनिवर्सिटी रोबोटिक विवाद। (फोटो- X)

इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में गलगोटिया यूनिवर्सिटी की ओर से दिखाए गए चीनी रोबोटिक कुत्ते को लेकर बढ़ता ही जा रहा है। ताजा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मामले में गलगोटिया यूनिवर्सिटी की मुश्किलें और बढ़ने वाली हैं।

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने गुरुवार को इस घटना को 'बड़ी चूक' बताया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से यह कह दिया है कि समिट खत्म होने के बाद सरकार आगे की कार्रवाई पर फैसला करेगी।

चिराग बोले- यह बड़ी चूक है

पासवान ने कहा- यह एक बड़ी चूक है। किसी यूनिवर्सिटी का इस तरह से कुछ गलत दिखाना और उस पर मालिकाना हक जताना पूरी तरह से गलत है।

रोबोटिक कुत्ते के बारे में बात करने वाली यूनिवर्सिटी की प्रतिनिधि का जिक्र करते हुए पासवान ने कहा कि ऐसा लग रहा था कि वह स्थिति को सही ठहराने के लिए सोच-समझकर शब्दों का इस्तेमाल कर रही थीं।

ऐसी घटनाएं गंभीर मामला हैं- चिराग

केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा- 'वहां मौजूद व्यक्ति शब्दों से खेलने की कोशिश कर रहा था। उसने दावा किया कि इसे अलग तरह से बताया गया और बाद में इसका गलत मतलब निकाला गया। लेकिन जब देश में AI समिट हो रहा हो, तो ऐसी घटनाएं गंभीर मामला बन जाती हैं।

पासवान ने कहा कि यह मुद्दा चिंता की बात है, खासकर इसलिए क्योंकि समिट एक ग्लोबल प्लेटफॉर्म है और इसे इंटरनेशनल लेवल पर करीब से देखा जा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसी घटनाएं दुनिया के सामने भारत की इमेज को नुकसान पहुंचा सकती हैं।

पूरी दुनिया में गलत इम्प्रेशन पड़ा

केंद्रीय मंत्री ने कहा- समिट अभी भी चल रहा है। इसके खत्म होने के बाद, सरकार तय करेगी कि क्या एक्शन लिया जाना चाहिए। जिस तरह से इसे पेश किया गया, उससे पूरी दुनिया के सामने गलत इंप्रेशन बना है।

इससे पहले, शिवसेना-यूबीटी के सांसदों ने ऑर्गेनाइजर की भूमिका पर सवाल उठाए और यूनिवर्सिटी के खिलाफ पेनल्टी समेत सख्त एक्शन की मांग की। सांसदों ने कहा कि यह घटना न केवल देश के लिए शर्म की बात है, बल्कि इससे इंटरनेशनल लेवल पर भी मजाक उड़ा है।

बुधवार को इस विवाद पर अपनी पहली ऑफिशियल प्रतिक्रिया में केंद्र ने कहा कि वह ऐसे प्लेटफॉर्म पर असली व वास्तविक काम दिखाना चाहता है और गलत जानकारी को बढ़ावा नहीं देना चाहता।

यूनिवर्सिटी की हुई भारी आलोचना

ग्रेटर नोएडा की यूनिवर्सिटी की सोशल मीडिया पर भारी आलोचना हुई, जब कम्युनिकेशन की प्रोफेसर नेहा सिंह ने एक इंटरव्यू में दावा किया कि यूनिवर्सिटी के पवेलियन में दिखाया गया एक रोबोटिक कुत्ता उसके 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' द्वारा बनाया गया था।

उन्होंने रोबोटिक कुत्ते को 'ओरियन' भी कहा। हालांकि, जल्द ही यह पता चला कि यह प्रोडक्ट चीन की यूनिट्री रोबोटिक्स द्वारा बनाया गया यूनिट्री Go2 था। नेहा सिंह ने बाद में इस घटना के लिए गलत कम्युनिकेशन को दोषी ठहराया।

इस बीच, यूनिवर्सिटी ने उनकी बातों से खुद को अलग कर लिया और कहा कि उन्हें मीडिया से बात करने का अधिकार नहीं है। एक बयान में, गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने कन्फ्यूजन के लिए माफी मांगी और दावा किया कि प्रतिनिधि को गलत जानकारी थी।