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‘हम कोई विवाद नहीं चाहते’, गलगोटिया यूनिवर्सिटी पर हुए बवाल पर सरकार की दो टूक, एआई समिट को लेकर की बड़ी घोषणा

India AI Impact Summit 2026: एआई समिट 2026 को लेकर इलेक्ट्रोनिक्स एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नॉलोजी के सचिव एस कृष्णन की ओर से गलगोटिया यूनिवर्सिटी को लेकर हुए विवाद पर भी बात की गई।

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India AI Impact Summit 2026

India AI Impact Summit 2026 (सोर्स- एक्स)

India AI Impact Summit 2026: नई दिल्ली के 'भारत मंडपम' में चल रहे इंडिया एआई इम्पेक्ट समिट 2026 के बीच एक बड़ा विवाद सामने आया है। समिट के दौरान प्रदर्शित किए गए एक ‘रोबोटिक डॉग’ को लेकर उठे सवालों के बाद केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए गलगोटिया यूनिवर्सिटी को एक्सपो एरिया खाली करने का निर्देश दिया है। इसी पर बयान देते हुए इलेक्ट्रोनिक्स एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नॉलोजी के सचिव की ओर से साफ तौर पर कहा गया है कि सरकार कोई भी विवाद नहीं चाहती है।

सचिव एस कृष्णन का बड़ा बयान (India AI Impact Summit 2026)

समिट के दौरान मीडिया से बातचीत में सचिव एस कृष्णन ने साफ कहा कि सरकार किसी भी प्रकार का विवाद या कॉन्ट्रोवर्सी नहीं चाहती। उनका कहना था कि इस मंच का उद्देश्य उन स्टार्टअप्स और संस्थानों को बढ़ावा देना है जो अपने प्रयासों और मौलिक उत्पादों के दम पर वैश्विक पहचान बना रहे हैं।

जब उनसे विश्वविद्यालय से जुड़े पूरे विवाद और सरकारी फैसले पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने दो टूक कहा कि सरकार का फोकस सकारात्मक नवाचार पर है, न कि विवादों पर। इसी वजह से संबंधित संस्थान को एक्सपो परिसर खाली करने के लिए कहा गया है।

क्या है ‘रोबोटिक डॉग’ विवाद? (India AI Impact Summit 2026)

विवाद की शुरुआत तब हुई जब यूनिवर्सिटी के स्टॉल पर एक एआई आधारित रोबोटिक डॉग प्रदर्शित किया गया। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में दावा किया गया कि ये डिवाइस चीन की कंपनी Unitree द्वारा निर्मित Unitree Go2 मॉडल से मेल खाता है। आरोप लगे कि इसे नया नाम देकर भारतीय इनोवेशन के रूप में प्रस्तुत किया गया।

हालांकि विश्वविद्यालय की ओर से जारी सफाई में कहा गया कि उन्होंने इसे अपना आविष्कार बताने का दावा नहीं किया। संस्थान के मुताबिक, ये रोबोट शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए खरीदा गया था और छात्रों को अत्याधुनिक तकनीक समझाने के लिए ‘लर्निंग टूल’ के रूप में प्रदर्शित किया गया।

सरकार का सख्त रुख

यूनिवर्सिटी की सफाई के बावजूद सरकार ने मामले को हल्के में नहीं लिया। सूत्रों के अनुसार, ‘मेक इन इंडिया’ की भावना और अंतरराष्ट्रीय मंच की गरिमा को ध्यान में रखते हुए यह कार्रवाई की गई। आयोजन स्थल पर प्रदर्शित अन्य तकनीकों की भी अब गहन समीक्षा की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।

समिट में दुनिया भर के नीति-निर्माता, टेक उद्योग के दिग्गज और निवेशक मौजूद हैं। ऐसे में किसी विदेशी उत्पाद को गलत तरीके से प्रस्तुत किए जाने की आशंका ने आयोजकों की चिंता बढ़ा दी थी।

एक्सपो आम जनता के लिए खुलेगा

विवाद के बीच समिट से एक और महत्वपूर्ण घोषणा की गई है। सचिव एस कृष्णन ने बताया कि 21 फरवरी को एक्सपो एरिया आम जनता के लिए भी खोला जाएगा। शाम 8 बजे तक लोग यहां आकर विभिन्न भारतीय और वैश्विक स्टार्टअप्स के उत्पादों को करीब से देख सकेंगे।

बताया जा रहा है कि समिट को मिल रही जबरदस्त प्रतिक्रिया और जनभागीदारी को देखते हुए यह फैसला लिया गया है, ताकि आम नागरिक भी एआई तकनीक के नए आयामों से रूबरू हो सकें।