
एआइ से बदलेगा भारत का विकास मॉडल (Photo-IANS)
AI Impact Summit 2026: भारत अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) में इसी स्वदेशी मंत्र के साथ आगे बढ़ रहा है। ‘सॉवरेन एआइ’ की अवधारणा के जरिए देश केवल तकनीक अपनाने तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि विकास का अपना मॉडल गढऩे की तैयारी में है। लक्ष्य साफ है कि डेटा पर राष्ट्रीय नियंत्रण, भारतीय भाषाओं के अनुरूप स्वदेशी एआइ सिस्टम और ऐसे समाधान जो खेती, इलाज, पढ़ाई और बैंकिंग जैसी रोजमर्रा की जरूरतों को सीधे बेहतर बनाएं।
इंडिया एआइ इंपैक्ट समिट 2026 में ‘स्केलिंग इंपैक्ट फ्रॉम इंडियाज सॉवरेन एआइ एंड डेटा’ सत्र में इस बात पर जोर दिया गया कि भारत एआइ का सिर्फ उपभोक्ता न बनकर वैश्विक स्तर पर एआइ सिस्टम का निर्माता कैस बने। एआइ शोध को राष्ट्रीय प्राथमिकताओं, जैसे वित्तीय समावेशन, कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा से जोड़ने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया। सार्थक और समावेशी परिणाम सुनिश्चित करने के लिए एआइ को भारत के विकास लक्ष्यों के अनुरूप ढालना आवश्यक है।
एआइ मॉडल का विकास देश के भीतर हो, जिसका डेटा, सर्वर और इंफ्रास्ट्रक्चर पर राष्ट्रीय नियंत्रण हो। यह मॉडल भारतीय भाषाओं और सामाजिक जरूरतों के अनुरूप होना चाहिए। साथ ही रणनीतिक क्षेत्रों में विदेशी निर्भरता कम होनी चाहिए।
Updated on:
18 Feb 2026 02:23 pm
Published on:
18 Feb 2026 02:23 pm
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