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भारत-चीन के बीच अरुणाचल में पहली सैन्य कमांडर स्तर की फ्लैग मीटिंग, रिश्तों में सुधार की कोशिश तेज

India China Talks: भारत और चीन के बीच अरुणाचल प्रदेश में पहली सीनियर सैन्य कमांडर स्तर की फ्लैग मीटिंग हुई। बैठक में एलएसी पर शांति और स्थिरता बनाए रखने पर जोर दिया गया।
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Updated: 8 Sep 2026, 8:18 PM IST
India China Flag Meeting
भारत-चीन के बीच अरुणाचल में पहली सैन्य कमांडर स्तर की फ्लैग मीटिंग (फोटो - चैटजीपीटी)

India China Military Talks: भारत और चीन ने अरुणाचल प्रदेश में पहली बार सीनियर सैन्य कमांडर स्तर की फ्लैग मीटिंग की है। दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच यह बैठक 6 और 7 सितंबर को हुई। पहली बैठक भारत की तरफ वाचा में और दूसरी चीन की तरफ दमाई में हुई। विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी। यह बैठक ऐसे समय हुई है जब अरुणाचल प्रदेश में वास्तविक नियंत्रण रेखा यानी एलएसी पर दोनों देशों के बीच तनाव की खबरें सामने आती रही हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारत-चीन संबंध धीरे-धीरे सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। सीमा पर शांति बनाए रखना दोनों देशों के रिश्तों को बेहतर करने के लिए अहम है।

वाचा और दमाई में हुई बैठक

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि 6 सितंबर को वाचा और 7 सितंबर को दमाई में बैठक हुई। यह दोनों देशों के बीच अरुणाचल सेक्टर में इस स्तर की पहली सैन्य बैठक है। उन्होंने बताया कि ऐसी ही सैन्य बातचीत की व्यवस्था पश्चिमी सेक्टर में भी मौजूद है। इन बैठकों का मकसद सीमा पर शांति और स्थिरता बनाए रखना और किसी भी गलतफहमी को बातचीत के जरिए दूर करना है।

डोभाल-वांग यी की बातचीत के बाद बनी जमीन

यह सैन्य बैठक भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच हुई बातचीत के बाद हुई है। दोनों देशों के विशेष प्रतिनिधियों की अगस्त 2025 और अगस्त 2026 में हुई बातचीत में सीमा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई थी। इसके बाद मई में बीजिंग और अगस्त में नई दिल्ली में सीमा मामलों पर काम करने वाली व्यवस्था के तहत भी बातचीत हुई। इन्हीं चर्चाओं के बाद अरुणाचल में सैन्य कमांडर स्तर की बैठक का रास्ता साफ हुआ।

एलएसी पर शांति को बताया जरूरी

अजीत डोभाल और वांग यी ने हालिया बातचीत में भारत-चीन सीमा विवाद और दोनों देशों के संबंधों पर चर्चा की थी। भारत ने साफ कहा था कि सीमा पर शांति और स्थिरता बनी रहना दोनों देशों के रिश्तों में आगे बढ़ने के लिए जरूरी है। दोनों पक्ष सीमा विवाद के समाधान के लिए बातचीत जारी रखने पर भी सहमत हुए हैं। सीमा से जुड़े मुद्दों में सीमा निर्धारण, सीमा प्रबंधन और दोनों देशों के बीच सहयोग जैसे विषय शामिल हैं।

तनाव के बीच सैन्य बातचीत अहम

अरुणाचल प्रदेश के ऊपरी सुबनसिरी इलाके में हाल के दिनों में चीनी सैनिकों की गतिविधियों को लेकर तनाव की खबरें आई थीं। ऐसे समय में दोनों देशों के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों की सीधी बातचीत को अहम माना जा रहा है।

इस तरह की बैठक से सीमा पर तैनात सैनिकों के बीच संपर्क बढ़ाने और किसी भी गलतफहमी को बातचीत के जरिए दूर करने में मदद मिल सकती है। भारत और चीन के बीच 2020 के गलवान संघर्ष के बाद रिश्तों में काफी तनाव आया था। अब दोनों देश धीरे-धीरे बातचीत और संपर्क बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।

शी जिनपिंग के भारत दौरे से पहले बैठक

यह सैन्य बातचीत ऐसे समय हुई है, जब चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत दौरे की तैयारी चल रही है। वह 12 और 13 सितंबर को होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए नई दिल्ली आ सकते हैं। ऐसे में अरुणाचल प्रदेश में दोनों देशों के सैन्य कमांडरों की बातचीत को भारत-चीन संबंधों में जारी संवाद की एक अहम कड़ी माना जा रहा है।

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8 Sep 2026, 8:18 PM IST
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