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CM Vijay: तमिलनाडु विधानसभा में विजय के इशारे पर बवाल, सफाई देकर बोले- किसी को ठेस पहुंचाने का इरादा नहीं था

Vijay Gesture Controversy: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने विधानसभा में अपने एक इशारे को लेकर उठे विवाद पर सफाई दी है। DMK ने उन पर एमके स्टालिन का बॉडी-शेमिंग करने का आरोप लगाया था, जिसके बाद विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ।
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चेन्नई

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Gajanand Prajapat

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Updated: 8 Sep 2026, 8:00 PM IST

Vijay Gesture Controversy

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय (फोटो-X Post/@TVKVijayHQ)

MISA Controversy In Tamil Nadu Assembly: तमिलनाडु विधानसभा में अपने एक इशारे को लेकर उठे विवाद के बाद मुख्यमंत्री और तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) प्रमुख सी. जोसेफ विजय ने सफाई दी है। विजय ने कहा कि उनके भाषण के दौरान हुई बॉडी लैंग्वेज अनजाने में सामने आई थी और किसी की व्यक्तिगत भावनाओं को ठेस पहुंचाने का उनका कोई इरादा नहीं था। DMK ने उन पर पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन का बॉडी-शेमिंग करने का आरोप लगाया था।

विजय ने X पर दी सफाई

विजय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि 7 सितंबर को विधानसभा में पुलिस विभाग की अनुदान मांग पर जवाब देते समय उनकी बॉडी लैंग्वेज अनजाने में सामने आई थी। उन्होंने लोगों से अपील की कि इसे किसी व्यक्ति को व्यक्तिगत रूप से चोट पहुंचाने की कोशिश के रूप में न देखा जाए।

MISA का जिक्र करते समय किया था इशारा

विजय ने मेंटेनेंस ऑफ इंटरनल सिक्योरिटी एक्ट (MISA) के इतिहास का जिक्र करते हुए एक इशारा किया। उन्होंने अपना दाहिना हाथ अपने जबड़े के पास रखा था। इस इशारे को कई लोगों ने एमके स्टालिन के टूटे हुए जबड़े से जोड़कर देखा। ऐसा इसलिए क्योंकि आपातकाल के दौरान MISA के तहत हिरासत में रहने के समय स्टालिन पर हमला हुआ था, जिसमें उनका जबड़ा टूट गया था। CPI(M) नेता पी. शनमुगम ने विजय की आलोचना करते हुए कहा कि किसी के शारीरिक रूप का मजाक उड़ाना निंदनीय है।

DMK विधायकों ने किया विरोध

विजय के इस इशारे के बाद मंगलवार को विधानसभा में जोरदार हंगामा हुआ। DMK के व्हिप ईवी वेलु ने मांग की कि प्रवर्तन निदेशालय यानी ED के दस्तावेजों, भ्रष्टाचार के आरोपों और सरकारिया आयोग से जुड़ी विजय की टिप्पणियों को विधानसभा की कार्यवाही से हटाया जाए। लेकिन स्पीकर जेसीडी प्रभाकर ने टिप्पणियों को रिकॉर्ड से हटाने की मांग स्वीकार नहीं की। इसके बाद DMK विधायक विरोध करते हुए स्पीकर के आसन के सामने पहुंच गए और नारेबाजी करने लगे। बार-बार सीटों पर लौटने की अपील के बावजूद विरोध जारी रहा।

मार्शलों ने विधायकों को बाहर निकाला

विरोध बढ़ने के बाद स्पीकर ने मार्शलों को प्रदर्शन कर रहे विधायकों को विधानसभा से बाहर निकालने का आदेश दिया। विधायक नारेबाजी करते रहे। वहीं, राज्य के कानून मंत्री आर. निर्मल कुमार ने विजय की टिप्पणियों का बचाव करते हुए कहा कि वे आधिकारिक ED दस्तावेजों और सरकारिया आयोग की रिपोर्ट पर आधारित थीं।

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