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भारत में डिजिटल क्रांति की रफ्तार तेज़, ई-सेवाओं की संख्या कितनी ज्यादा हो गई, जानिए

India e-governance services 2025:भारत में अब 22,000 से अधिक ई-सेवाएं उपलब्ध हैं, जिससे नागरिकों को डिजिटल माध्यम से सरकारी सुविधाएं तेजी से मिल रही हैं।
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Updated: 9 Aug 2025, 7:48 PM IST
India e-governance services 2025
भारत को डिजिटल सेवाओं के अभियान में बड़ी कामयाबी मिली है। ( फोटो: X Handle MyGovIndia.)

India e-governance services 2025: भारत में नागरिकों को डिजिटल सेवाओं के माध्यम से सुविधाएं देने के अभियान को बड़ी कामयाबी मिली है। केंद्र सरकार के अनुसार, देश में अब 22,000 से ज्यादा ई-सेवाएं उपलब्ध हैं, जो नेशनल ई-गवर्नेंस सर्विस (India e-governance services 2025)डिलीवरी असेसमेंट (NeSDA framework public services) के अंतर्गत दर्ज की गई हैं। कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के अधीन काम कर रहे प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (DARPG digital India initiatives) ने यह जानकारी दी है। इस संबंध में शनिवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें आठ राज्यों के सेवा का अधिकार (RTS) आयुक्त शामिल हुए।

बैठक में सेवा सुधार पर दिया ज़ोर

बैठक की अध्यक्षता डीएआरपीजी के सचिव वी. श्रीनिवास ने की। उन्होंने बताया कि जिन राज्यों में RTS आयोग स्थापित हैं, वहां ई-सेवाओं की संख्या में काफी वृद्धि देखी गई है।

शिकायत पोर्टल को केंद्र के पोर्टल से जोड़ा जा रहा

श्रीनिवास ने बताया कि अब राज्यों के शिकायत पोर्टल को केंद्र के CPGRAMS पोर्टल से जोड़ा जा रहा है, जिससे रीयल-टाइम डेटा साझा किया जा सकेगा। इससे निगरानी और शिकायत निवारण दोनों में पारदर्शिता और गति बढ़ेगी।

भूमि, श्रम, वित्त, पर्यावरण पर विशेष ध्यान

बैठक में तय किया गया कि भूमि, श्रम, वित्त और पर्यावरण जैसे अहम क्षेत्रों में ई-सेवाएं और तेज़ी से बढ़ाई जाएंगी। यह कदम "जीवन में सुगमता" और "कारोबार में सहूलियत" को बढ़ावा देने के लिए उठाया जा रहा है। राष्ट्रीय सूचना केंद्र (NIC) की ओर से तैयार AAKLAN बेंचमार्किंग टूल के माध्ययम से अब इन सेवाओं की गुणवत्ता और पहुंच का मूल्यांकन भी किया जाएगा।

अध्ययन और डिजिटल सुधार की नई पहल

बैठक में राष्ट्रीय सुशासन केंद्र (NCGG) के महानिदेशक सुरेंद्रकुमार बागड़े ने बताया कि आने वाले 9 महीनों में RTS आयोगों के प्रभाव पर एक व्यापक अध्ययन किया जाएगा। इससे यह जाना जाएगा कि नागरिकों तक सेवाएं कितनी प्रभावी तरीके से पहुंच रही हैं।

नागरिकों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने का बड़ा कदम

सरकार की यह पूरी पहल ई-गवर्नेंस को मजबूती देने और पब्लिक सर्विस डिलीवरी को पारदर्शी, तेज़ और जवाबदेह बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। इससे न केवल नागरिकों को सुविधा मिलेगी, बल्कि शासन की गुणवत्ता में भी सुधार होगा।