भारत ने अपनी रक्षा ताकत को और मजबूत करते हुए अग्नि-3 इंटरमीडिएट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया है। यह परीक्षण 6 फरवरी को ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से किया गया।
Agni-3 Missile: भारत ने अपनी रणनीतिक ताकत को और मजबूत करते हुए इंटरमीडिएट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-3 का सफल परीक्षण किया। यह परीक्षण आज ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (ITR) से किया गया। रक्षा मंत्रालय और DRDO ने पुष्टि की कि मिसाइल ने सभी ऑपरेशनल और तकनीकी पैरामीटर पूरे किए। परीक्षण स्ट्रेटेजिक फोर्सेज कमांड (SFC) की निगरानी में हुआ, जो भारत की न्यूक्लियर कमांड अथॉरिटी का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह परीक्षण भारत की स्ट्रैटेजिक डिटरेंस क्षमता को पूरी तरह विश्वसनीय और मजबूत बनाने में बड़ा कदम है। अग्नि-3 पहले से ही भारतीय सेना में शामिल है, लेकिन नियमित परीक्षण इसकी रेडीनेस और विश्वसनीयता को सुनिश्चित करते हैं। यह सफलता भारत की परमाणु त्रयी (Nuclear Triad) को मजबूती देती है, जिसमें जमीन, हवा और समुद्र से परमाणु हमला करने की क्षमता शामिल है। अधिकारियों ने कहा कि मिसाइल ने तय योजना के मुताबिक अपना मिशन पूरा किया।
अग्नि-3 एक दो-चरण वाली ठोस ईंधन वाली बैलिस्टिक मिसाइल है। इसकी खासियतें इस प्रकार हैं:
यह मिसाइल पूरे पाकिस्तान और चीन के बड़े हिस्से को आसानी से कवर करती है।
अग्नि सीरीज भारत की रणनीतिक मिसाइलों का आधार है:
ये सभी DRDO द्वारा विकसित हैं और SFC द्वारा संचालित होती हैं।
इस परीक्षण से भारत की सैन्य ताकत में बड़ा इजाफा हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने और दुश्मन देशों को किसी भी आक्रामक कदम से पहले सोचने पर मजबूर करने का मजबूत संदेश है। अग्नि-3 की रेंज से पाकिस्तान का पूरा क्षेत्र और चीन का अधिकांश हिस्सा भारत की पहुंच में आ जाता है।