
अमरावती। सत्ता परिवर्तन (रेजीम चेंज) को लेकर जारी राजनीतिक बयानबाजी के बीच भाजपा नेता काली प्रसाद राव ने विपक्ष पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि भारत कभी बांग्लादेश नहीं बनेगा और सरकार बदलने का एकमात्र लोकतांत्रिक रास्ता चुनाव है। भाजपा की राज्य कार्यकारिणी के सदस्य राव ने कांग्रेस नेता शशि थरूर की भारत-बांग्लादेश तुलना से जुड़ी टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए विपक्ष पर निराधार आरोप लगाने का भी आरोप लगाया।
राव ने एएनआई से बातचीत में कहा कि भारत की तुलना बांग्लादेश से नहीं की जा सकती। उन्होंने नेहा बोरा का जिक्र करते हुए कहा कि वह बांग्लादेश में हुए आंदोलन से प्रेरित थीं। राव ने बांग्लादेश में हिंदुओं को निशाना बनाए जाने का भी दावा किया।
भाजपा नेता ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस पर केंद्र सरकार के खिलाफ बेबुनियाद आरोप लगाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष सत्ता परिवर्तन की बात को स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव तथा सरकार के शांतिपूर्ण बदलाव से जोड़ रहा है, जबकि उसके इरादों पर सवाल उठते हैं। राव ने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस बेबुनियाद आरोप लगा रहे।
काली प्रसाद राव ने कहा कि विपक्ष को अपनी बात रखने के लिए सड़कों पर आंदोलन करने के बजाय चुनावी प्रक्रिया में हिस्सा लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्ष हताशा में सत्ता परिवर्तन का मुद्दा उठा रहा है। राव ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है और यहां जनता अपने मताधिकार के जरिए सरकार चुनती है। उनके मुताबिक, केंद्र सरकार के खिलाफ अभियान चलाने वाले लोगों को चुनाव में जनता के बीच जाना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि भारत में आंदोलन के जरिए सत्ता परिवर्तन संभव नहीं है और विपक्ष की ऐसी कोशिशें सफल नहीं होंगी।
इस पूरे विवाद पर कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा था कि भारत की तुलना बांग्लादेश या फ्रांस से करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्हें इन देशों के बीच कोई समानता नजर नहीं आती। थरूर ने फ्रांस में महंगाई और अन्य मुद्दों को लेकर हुए दंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस बसों और पुलिस थानों में आग लगाने जैसी हिंसा का समर्थन नहीं करती। उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन में विश्वास रखता है। शशि थरूर ने कहा कि विपक्ष की मांग स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने की है। उनके अनुसार, यह संविधान से जुड़ा मुद्दा है, न कि किसी सरकार को गिराने की कोशिश।
थरूर ने आरोप लगाया कि अनियमित और आंशिक रूप से गैरकानूनी प्रक्रिया के कारण बड़ी संख्या में लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष इसी प्रक्रिया को ठीक करने और कथित अनियमितताओं को दूर करने की मांग कर रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष की मांग को ‘सत्ता परिवर्तन’ के रूप में पेश करना सही नहीं है।