Rules for Compensation: दिल्ली में भयानक ट्रेन हादसे में 18 से ज्यादा लोग लोगों ने अपनी जान गंवा दी है। हादसे के बाद भारत सरकार की ओर से मुआवजा दिए जाने का ऐलान किया है। आइए जानते है IRCTC के नियम।
Indian Railway Rules for Compensation: नई दिल्ली रेलवे स्टेशन (Delhi Railway Station) पर हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस भगदड़ में कई मासूमों की जान चली गई, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। रेलवे स्टेशन पर हुए हादसे (Delhi Railway Station Stampede) में घायल हुए यात्री मदद के लिए इधर-उधर भटक रहे थे, तो दूसरी तरफ घायल दर्द से चीख रहे थे। आंकड़ों के अनुसार इस भयानक हादसे में 18 से ज्यादा लोग लोगों ने अपनी जान गंवा दी है। हादसे के बाद भारत सरकार की ओर से मुआवजा दिए जाने का ऐलान किया गया है। लेकिन कई बार यह सवाल उठता है की कोई हादसा होने पर सरकार द्वारा कितना मुआवजा दिया जाता है।
महाकुंभ में पवित्र स्नान करने के लिए प्रयागराज जाने वालों लोगों की भारी भीड़ नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म 14 और 16 पर इकट्ठी हुई थी। तभी अचानक अफरा तफरी मच गई। जिस वजह से ये हादसा हुआ।
भारतीय रेलवे में हर चीज के अपने नियम बने हुए हैं। अगर ट्रेन में चढ़ते वक्त किसी के साथ कोई हादसा हो जाता है और उस हादसे में उस शख्स की मौत हो जाती है तो ऐसे में आईआरसीटीसी की ओर से भी मुआवजा दिया जाता है। लेकिन सभी लोगों को यह मुआवजा नहीं मिलता। आईआरसीटीसी की ओर से सिर्फ उन्हीं लोगों को मुआवजा दिया जाता है। जिन्होंने ऑनलाइन टिकट बुकिंग करते वक्त इंश्योरेंस का ऑप्शन चुना होता है।
IRCTC की ओर से 35 पैसे के प्रीमियम पर 10 लाख रुपये तक का बीमा कवर दिया जाता है। यह ऑनलाइन टिकट बुकिंग करते वक्त आईआरसीटीसी के की वेबसाइट पर आता है। अगर ट्रेन में चढ़ते वक्त किसी यात्री की हादसे के चलते मौत हो जाती है तो आईआरसीटीसी उसे मुआवजा देती है।
आईआरसीटीसी की ओर से बीमा का प्रावधान केवल ऑनलाइन टिकट पर उपलब्ध है। टिकट काउंटर इसका विकल्प नहीं दिया जाता है। हालांकि सरकार की ओर से हादसों में मृत यात्रियों को मुआवजा जरूर दिया जाता है।