Satish Kumar appointed Chairman & CEO of Railway Board : भारतीय रेलवे प्रबंधन सेवा (आईआरएमएस) सतीश कुमार को रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के पद पर नियुक्ति को मंजूरी दे दी है।
रेल मंत्रालय ने मंगलवार को सतीश कुमार को रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के पद पर नियुक्त किया। एक आदेश में कहा गया है मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने रेलवे बोर्ड के सदस्य (ट्रैक्शन और रोलिंग स्टॉक), भारतीय रेलवे प्रबंधन सेवा (आईआरएमएस) सतीश कुमार को रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के पद पर नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। इसमें कहा गया है कि उनकी नियुक्ति एक सितंबर या उसके बाद कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से उनकी सेवानिवृत्ति तक रहेगी।
भारतीय रेलवे मैकेनिकल इंजीनियर्स सेवा के 1986 बैच के अधिकारी कुमार मार्च, 1988 में भारतीय रेलवे की सेवा में औपचारिक रूप से शामिल हुए और उनके पास 34 वर्षों का समृद्ध अनुभव है। इससे पहले वह उत्तर मध्य रेलवे, प्रयागराज में महाप्रबंधक के रूप में काम कर चुके हैं।पूर्व में कुमार ने विभिन्न पदों पर झांसी मंडल और बीएलडब्ल्यू (बनारस रेलइंजन कारखाना) पूर्वोत्तर रेलवे, गोरखपुर, पटियाला रेलइंजन कारखाना में काम किया था।
सतीश कुमार रेलवे बोर्ड के ऐसे पहले अध्यक्ष एवं सीईओ होंगे जो अनुसूचित जाति वर्ग के हैं। सतीश कुमार ने 05 जनवरी, 2024 को रेल मंत्रालय में रेलवे बोर्ड में सदस्य (ट्रैक्शन एवं रोलिंग स्टॉक) का कार्यभार संभाला था। उन्होंने 1996 में यूएनडीपी कार्यक्रम के तहत कुल गुणवत्ता प्रबंधन में प्रशिक्षण लिया था और वे अपने करियर में कई परियोजनाओं की देख-रेख कर चुके हैं। उन्होंने अप्रैल, 2017 से अप्रैल, 2019 तक उत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल के मंडल रेल प्रबंधक के रूप में भी काम किया था। डीआरएम, लखनऊ के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान बड़ी संख्या में बुनियादी ढांचे के काम पूरे किए गए थे।
उत्तर रेलवे ने लखनऊ मंडल के आठ स्टेशनों का नाम बदल दिया है। कासिमपुर हॉल्ट को अब जायस सिटी कहा जाएगा। जयस का नाम बदलकर गुरु गोरखनाथ धाम कर दिया गया है। मिश्रौली को अब मां कालीखान धाम कहा जाएगा। बानी को अब स्वामी परमहंस कहा जाएगा। निहालगढ़ (एनएचएच) को महाराजा बिजली पासी (एमबीएलपी) कर दिया गया है। अकबर गंज को अब मां अहोरवा भवानी धाम कहा जाएगा। वारिसगंज हॉल्ट का नाम बदलकर अमर शहीद भाले सुल्तान कर दिया गया। वहीं अब फुर्सतगंज को अब तपेश्वरनाथ धाम कहा जाएगा।