Vande Bharat Tender Cancel: इंडियन रेलवे ने अगले 7 साल में 100 वंदे भारत ट्रेनें और उतारने के लिए टेंडर जारी किया था, लेकिन अब इसे रद्द कर दिया है। आइये जानते हैं इसकी वजह क्या है?
Vande Bharat Tender Cancel: भारतीय रेलवे प्लान कर रही थी कि 2027-2028 तक देश के हर कोने तक Vande Bharat Express पहुंच जाए। ऐसे में देश में सभी लंबे रूट पर Vande Bharat Train चलाने की योजना को बड़ा झटका लगा है। 30 हजार करोड़ का ठेका मोदी सरकार ने वंदे भारत ट्रेन बनाने का रद्द कर दिया है। सरकार ने इस योजना के तहत 100 वंदे भारत बनाने का लक्ष्य रखा था, लेकिन टेंडर पूरा होने से पहले ही इंडियन रेलवे ने इस कॉन्ट्रैक्ट को रद्द कर दिया है। सरकार के इस कदम से योजना को पूरा करने में निश्चित तौर पर देरी होगी। प्रक्रिया को दोबारा शुरू करने के लिए भारतीय रेलवे ने और समय मांगा है।
Vande Bharat Scheme को रेलवे के इस कदम से बड़ा झटका लगा है। रेलवे द्वारा जारी किए गए टेंडर के लिए विश्व की तमाम बड़ी कंपनियों ने दावेदारी पेश की थी। लेकिन, बातचीत अंतिम दौर तक सिर्फ फ्रांस की कंपनी आल्सटम के साथ पहुंची। बाद में पैसों को लेकर सहमति नहीं बनी और रेलवे ने टेंडर वापस ले लिया।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक टेंडर में बैठे लोगों को फ्रांसीसी कंपनी आल्सटम की बोली बहुत ज्यादा लगी। आल्सटम की ओर से आए लोगों ने एक ट्रेन सेट की कीमत 150.9 करोड़ रुपये बताई थी। लेकिन रेलवे का मन था कि यह कीमत 140 करोड़ रुपये से ज्यादा नहीं हो। इसके बाद दोनों तरफ से अलग-अलग प्रस्ताव रखे गए और आल्सटम 145 करोड़ रुपये पर इसके लिए तैयार हो गयी।
आल्सटम के CEO हेनरी पुपार्ट-लाफार्ज ने एक इंटरव्यू के दौरान जुलाई 2023 में कहा था कि कंपनी के लिए नई एल्युमिनियम टेक्नोलॉजी का यूज करेगी। हेनरी पुपार्ट-लाफार्ज ने उस समय यह भी कहा था कि कंपनी ने प्रोजेक्ट के लिए अच्छी कीमत दी है। रेलवे अधिकारी के मुताबिक पहले 200 स्टेनलेस स्टील Vande Bharat Sleeper Train सेट बनाने का कॉन्ट्रैक्ट 120 करोड़ रुपये प्रति ट्रेन के हिसाब से दिया गया था।