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भारत की पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन कैसी होगी? रफ्तार, सीटों और यात्रियों की सुविधाओं की पूरी जानकारी

भारत की पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन में 557 यात्रियों के सफर की क्षमता और 280 किमी प्रति घंटे की परीक्षण गति होगी। जानिए इसकी सीटों, सुरक्षा, वाई-फाई और आधुनिक सुविधाओं की खासियतें।
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Updated: 2 Nov 2026, 1:00 AM IST
Ashwini Vaishnaw news
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (फोटो-IANS)

Indian Bullet Train: देश की पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन आकार ले रही है। मुंबई-अहमदाबाद हाईस्पीड रेल परियोजना के लिए इस ट्रेन का निर्माण बेंगलूरु स्थित बीईएमएल के कारखाने में किया जा रहा है। भारतीय परिस्थितियों, यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही इस ट्रेन में आधुनिक तकनीक के साथ स्वदेशी इंजीनियरिंग का इस्तेमाल किया गया है। इसकी अधिकतम परीक्षण गति 280 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। वहीं यह सामान्य तौर पर 249 किलोमीटर प्रति घंटे से दौड़ेगी।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रविवार को कारखाने का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि करीब 202 मीटर लंबी इस ट्रेन में आठ डिब्बे होंगे। इनमें चार मोटर कार और चार ट्रेलर कार शामिल हैं। ट्रेन में एक साथ करीब 557 यात्री सफर कर सकेंगे। इसमें दिव्यांगजन और विशेष जरूरत वाले यात्रियों के लिए भी दो निर्धारित स्थान होंगे। सात डिब्बों में सामान्य श्रेणी की 3 गुणा 2 सीटें और एक डिब्बे में एक्जीक्यूटिव श्रेणी की 2 गुणा 2 सीटों की व्यवस्था होगी। भविष्य में दो आठ डिब्बों वाली ट्रेनों को जोड़कर 16 डिब्बों की ट्रेन भी चलाई जा सकेगी।

हर सीट पर होगी खिड़की


ट्रेन में हर सीट के पास बड़ी खिड़कियां, लैपटॉप और मोबाइल चार्ज करने के लिए बिजली के सॉकेट, ऊपर सामान रखने के रैक और बड़े सामान के लिए अलग स्टैंड होंगे। डिब्बों के बीच ऐसा सीलबंद गलियारा बनाया गया है, जिससे यात्री एक डिब्बे से दूसरे डिब्बे में आसानी से आ-जा सकेंगे। ट्रेन में यात्रियों के लिए सूचना और मनोरंजन की विशेष व्यवस्था होगी। डिब्बों में लगी एलसीडी स्क्रीन पर अंग्रेजी, हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं में यात्रा संबंधी जानकारी मिलेगी। वाई-फाई आधारित मनोरंजन प्रणाली के जरिए यात्री पहले से उपलब्ध सामग्री देख सकेंगे। ट्रेन में दिव्यांग और कम गतिशीलता वाले यात्रियों की सुविधा को डिजाइन का अहम हिस्सा बनाया गया है।

कम शोर, बेहतर रफ्तार

तेज गति के बावजूद यात्रियों को आरामदायक सफर देने के लिए ट्रेन की बॉडी और फर्श में ध्वनि रोधी सामग्री का इस्तेमाल किया जाएगा। शोर और कंपन कम करने के लिए विशेष परतें, पहियों के आसपास आवरण और वायुगतिकीय संरचनाएं लगाई जाएंगी। वातानुकूलन प्रणाली के लिए प्रत्येक डिब्बे में दो एचवीएसी इकाइयां होंगी, जो तापमान और नमी को नियंत्रित करेंगी।

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