Influencer Marketing Report 2025: इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग रिपोर्ट 2025 के अनुसार देश में 40-45 लाख कंटेंट क्रिएटर्स हैं लेकिन इनमें से सिर्फ 4.5-6 लाख क्रिएटर्स का चैनल मॉनिटाइज है।
Social Media Influencer Income: भारत में कंटेंट क्रिएटर इकोनॉमी (Creator Economy) तेजी से बढ़ रही है, जो 2025 की पहली छमाही में 3500 करोड़ रुपए की हो गई है। यह इंडस्ट्री सालाना 22% की दर से वृद्धि कर रही है। कोफ्लुएंस की 'इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग रिपोर्ट 2025' के अनुसार, देश में 40-45 लाख कंटेंट क्रिएटर्स (Content Creators) हैं, लेकिन इनमें से केवल 4.5-6 लाख क्रिएटर्स ही अपने चैनल को मॉनिटाइज (Monetize) कर पाए हैं। यानी, सिर्फ 12-15% क्रिएटर्स ही सोशल मीडिया (Social Media) से अपनी ज्यादातर कमाई कर पा रहे हैं।
रिपोर्ट बताती है कि 88% मॉनिटाइज्ड चैनल (Monetize Channel) वाले क्रिएटर्स अपनी आय का 75% से कम सोशल मीडिया से कमाते हैं। ज्यादातर क्रिएटर्स को आय के लिए अन्य विकल्प तलाशने पड़ते हैं। कोफ्लुएंस के को-फाउंडर रितेश उज्ज्वल के मुताबिक, कंटेंट की आपूर्ति तेजी से बढ़ रही है, लेकिन मांग उतनी नहीं है। नतीजतन, क्रिएटर्स की कमाई नहीं बढ़ रही। औसतन, 50,000 रुपये मासिक कमाई के लिए 5-7 साल लग सकते हैं, जबकि 2 लाख रुपये मासिक कमाई के लिए कंटेंट को 5 लाख व्यूज चाहिए।
इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग पर खर्च: इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग में विभिन्न सेक्टर्स का योगदान इस प्रकार है:
इन्फ्लुएंसर्स की कमाई: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इन्फ्लुएंसर्स की औसत मासिक कमाई फॉलोअर्स के आधार पर इस प्रकार है:
रिपोर्ट के अनुसार, 90% क्रिएटर्स पूरी तरह से सोशल मीडिया पर निर्भर नहीं हैं। लोग रील्स, शॉट्स और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल रहे हैं, लेकिन केवल चुनिंदा लोग ही इससे स्थायी आय बना पा रहे हैं। यह स्थिति दर्शाती है कि भारत में कंटेंट क्रिएशन एक आकर्षक अवसर तो है, लेकिन इसमें सफलता और स्थिर आय के लिए लंबा समय और मेहनत जरूरी है।