राष्ट्रीय

INS Anjadip Commissioned: नए युद्धपोत ‘अंजदीप’ के शामिल होने से भारतीय नौसेना की बढ़ी ताकत, जानें इसकी खासियत

ASW Warship Anjadeep Commissioned: चेन्नई में भारतीय नौसेना ने अत्याधुनिक पनडुब्बी रोधी युद्धपोत ‘अंजदीप’ को बेड़े में शामिल किया। यह पोत तटीय सुरक्षा बढ़ाने और दुश्मन पनडुब्बियों को नाकाम करने में सक्षम है। चेन्नई में आयोजित समारोह में नौसेना प्रमुख ने इसे नौसेना के लिए गर्व का क्षण बताया।

2 min read
Feb 27, 2026
INS Anjadip (Photo - IANS)

INS Anjadip Commissioned, Chennai: चेन्नई में शुक्रवार को आयोजित एक समारोह में भारतीय नौसेना के नए युद्धपोत ‘अंजदीप’ को औपचारिक रूप से बेड़े में शामिल किया गया। रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी आधिकारिक बयान में इसकी जानकारी दी गई। समारोह की अध्यक्षता नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने की। उन्होंने इसे नौसेना के लिए अत्यंत गर्व का क्षण बताया।

इस अवसर पर उन्होंने कहा, “जब हम आज ऐतिहासिक कोरोमंडल तट पर स्थित चेन्नई में एकत्र हुए हैं, तो यह स्मरण करना उपयुक्त है कि एक सहस्राब्दी पूर्व महान चोल शासक इन्हीं तटों से बंगाल की खाड़ी पार कर दूरस्थ देशों की ओर प्रस्थान करते थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत सदैव एक समुद्री सभ्यता रहा है। आज हमारी सुरक्षा और समृद्धि समुद्रों से जुड़ी हुई है।” नौसेना प्रमुख ने यह भी बताया कि वर्ष 2026 में लगभग 15 और युद्धपोतों को नौसेना में शामिल करने की योजना है, जिससे समुद्री सुरक्षा और अधिक सुदृढ़ होगी।

ये भी पढ़ें

Tamil Nadu Election: BJP के अरमानों पर फिरा पानी, पूर्व सीएम को नहीं रखे अपने साथ, DMK में शामिल हुए OPS

क्या है ‘अंजदीप’ की खासियत?

‘अंजदीप’ कोई सामान्य युद्धपोत नहीं है, बल्कि इसे दुश्मन की पनडुब्बियों का पता लगाकर उन्हें निष्क्रिय करने के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है। इसे ‘डॉल्फिन हंटर’ की भूमिका निभाने के लिए डिजाइन किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य तटीय क्षेत्रों में शत्रु पनडुब्बियों का पता लगाना, उनका पीछा करना और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें नाकाम करना है।

यह युद्धपोत स्वदेशी और अत्याधुनिक पनडुब्बी रोधी हथियारों तथा सेंसर प्रणाली से लैस है। इसमें हल-माउंटेड सोनार ‘अभय’ सहित उन्नत सेंसर पैकेज लगाया गया है। इसके अलावा, यह हल्के टॉरपीडो और पनडुब्बी रोधी रॉकेटों से भी सुसज्जित है, जो इसे तटीय रक्षा के लिए अत्यंत सक्षम बनाते हैं।

क्यों रखा गया ‘अंजदीप’ नाम?

नौसेना प्रमुख के अनुसार, इस युद्धपोत का नाम कर्नाटक के कारवार तट के निकट स्थित अंजदीप द्वीप के नाम पर रखा गया है। यह वही द्वीप है जिसने दिसंबर 1961 में भारतीय नौसेना की निर्णायक कार्रवाई का साक्षी बनकर गोवा मुक्ति अभियान का मार्ग प्रशस्त किया था। ‘अंजदीप’ के नौसेना में शामिल होने से तमिलनाडु और पुडुचेरी सहित देश के तटीय क्षेत्रों की सुरक्षा क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

ये भी पढ़ें

Iran-US Tensions: डोनाल्ड ट्रंप की शर्तें ठुकराकर अड़ा ईरान, अब वियना में होगा असली फैसला?

Published on:
27 Feb 2026 02:32 pm
Also Read
View All

अगली खबर