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दुनियाभर को भा रही हमारी माटी की खुशबू: इराक और यूएई बने भारतीय चाय के सबसे बड़े दीवाने, चीन-अमेरिका में भी भारी मांग

International Tea Day 2026: भारतीय चाय का निर्यात 28 करोड़ किलो के पार पहुंचा। टपरी की कड़क चाय से बबल टी तक, जानिए चाय उद्योग के नए ट्रेंड्स।
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May 21, 2026
International Tea Day 2026
International Tea Day 2026 (AI Image)

International Tea Day 2026 Indian Tea Industry: आज जब दुनिया अंतर्राष्ट्रीय चाय दिवस मना रही है, तो भारतीय चाय उद्योग वैश्विक स्तर पर भी सफलता के नए रिकॉर्ड दर्ज करा रहा है। पश्चिम बंगाल की सिलीगुड़ी नीलामी खिड़की से लेकर दुनिया के कोने-कोने तक, चाय एक बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुकी है। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चाय उत्पादक देश है और दुनिया का सबसे बड़ा चाय उपभोक्ता भी है (यहां उत्पादित कुल चाय का लगभग 80% हिस्सा घरेलू बाजार में ही पी लिया जाता है)।

भारतीय चाय बोर्ड के अनुसार, भारतीय चाय के निर्यात ने हाल ही में 280 मिलियन किलोग्राम (लगभग 28 करोड़ किलो) का सर्वकालिक रिकॉर्ड स्तर छुआ है, जिससे देश को लगभग 8,488 करोड़ रुपए से अधिक की विदेशी मुद्रा प्राप्त हुई है।

देश की 83% चाय उत्तर-पूर्व भारत में होती है तैयार

देश के कुल चाय उत्पादन का लगभग 83% से अधिक हिस्सा उत्तर-पूर्वी भारत (असम और पश्चिम बंगाल) क्षेत्र से आता है। असम की 'असम वैली' और 'कछार' क्षेत्र तथा पश्चिम बंगाल के 'दार्जिलिंग', 'डूआर्स' और 'तराई' क्षेत्र अपनी विशिष्ट सुगंध के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध हैं। दार्जिलिंग की चाय को 'चाय की शैंपेन' कहा जाता है। दक्षिण भारत में तमिलनाडु (नीलगिरि), केरल और कर्नाटक मिलकर देश का लगभग 17% चाय उत्पादन करते हैं।

लग्जरी लाइफस्टाइल का स्टेटस बन रही चाय

भारतीयों के दिलों पर राज करने वाली चाय ने समय के साथ खुद को पूरी तरह 'री-इन्वेंट' किया है। कभी घर की रसोइयों और नुक्कड़ की टपरियों तक सीमित रहने वाली कड़क दूध-चीनी वाली चाय आज एक लग्जरी और लाइफस्टाइल स्टेटमेंट बन चुकी है। नुक्कड़ की दुकानों पर अब पारंपरिक चाय के साथ-साथ 'तंदूरी चाय', 'चॉकलेट चाय' और 'मसाला क्रश चाय' जैसे नए प्रयोग युवाओं को लुभा रहे हैं। स्वास्थ्य के प्रति सजगता व फिटनेस के दौर में अब ग्रीन टी, माचा टी, कैमोमाइल, हिबिस्कस (गुड़हल) और वाइट-टी, वेलनेस टी की मांग भी बढ़ी है। ताइवान से आई 'बबल टी' (टैपिओका बॉल्स से बनी ठंडी चाय) ने भारतीय युवाओं के बीच एक नया बाजार खड़ा कर दिया है।

भारतीय चाय का वैश्विक डंका

भारतीय चाय मुख्य रूप से जिन देशों की सुबह को तरोताजा कर रही है उनमें इराक, यूएई, चीन, रूस, सीआईएस, अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देश प्रमुख रूप से शामिल है। इराक और यूएई (संयुक्त अरब अमीरात) वर्तमान में भारतीय चाय के सबसे बड़े खरीदार बनकर उभरे हैं, जहां पारंपरिक और सीटीसी चाय की भारी मांग है। राजनीतिक उथल-पुथल के बावजूद भारतीय मर्चेंट निर्यातकों ने ईरान और तुर्की जैसे खाड़ी देशों में अपनी मजबूत पैठ बनाए रखी है। भारत से निर्यात होने वाली कुल चाय में लगभग 96% हिस्सेदारी 'ब्लैक टी' (काली चाय) की होती है।

Updated on:
21 May 2026 03:33 am
Published on:
21 May 2026 03:33 am