राष्ट्रीय

लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए सोने में निवेश कारगर नहीं, जानिए विशेषज्ञों ने ऐसा क्यों कहा

Investment: गोल्ड ने एक साल में 20 प्रतिशत रिटर्न दिया है। वहीं, 10 साल का रिटर्न केवल 8 फीसदी रहा। जानकारों का कहना है कि रिकॉर्ड रिटर्न के बाद गिरावट आ सकती है। ऐसे में लंबे समय तक सोने में निवेश करना कारगर साबित नहीं सकता है।

2 min read

Investing In Gold : वर्ष 2023 10 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ने के बाद इस साल भी सोने ने 13 प्रतिशत की उछाल दर्ज की है। अमरीका में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद और इजरायल-ईरान के बीच संघर्ष से गोल्ड की डिमांड और कीमतें बढ़ीं। जनवरी से मार्च के बीच भारत में सोने की खपत 8 फीसदी बढ़कर 137 टन हो गई, जिसमें निवेश और जेवर खरीदी दोनों शामिल हैं। निवेश के नजरिए से देखें तो पिछले एक साल में गोल्ड ने करीब 20 प्रतिशत रिटर्न दिया है जो अच्छा है। लेकिन अगर आप लंबी अवधि के लिए निवेश की सोच रहे हैं तो सोना शायद उतना फायदेमंद न हो। विशेषज्ञों का कहना है कि रिकॉर्ड तेजी के बाद शॉर्ट टर्म में सोने के दाम गिर सकते हैं।

लंबी अवधि में इक्विटी से आधा रिटर्न

पिछले 10 साल में गोल्ड ने औसतन केवल 8 प्रतिशत का ही रिटर्न दिया है, जबकि इस दौरान सेंसेक्स का औसत सालाना रिटर्न करीब 15 प्रतिशत रहा। मिडकैप और स्मॉलकैप का रिटर्न तो सालाना 18 प्रतिशत के करीब रहा। वैल्यू रिसर्च के सीईओ पंकज नाकाड़े का कहना है कि भले ही सोने का शॉर्ट टर्म रिटर्न अच्छा लग सकता है, लेकिन लंबे समय में इसने सालाना 7-8 फीसदी यानी इक्विटी से आधा ही रिटर्न दिया है। पंकज नाकाड़े सोने को एक ऐसा निवेश मानते हैं जो लंबे समय में ज्यादा फायदा नहीं देता। क्योंकि सोना खुद कोई चीज पैदा नहीं करता है, इसकी कीमत सिर्फ मार्केट डिमांड पर निर्भर करती है।

गोल्ड के लिए पॉजिटिव फैक्टर्स

  • जियो-पॉलिटिकल टेंशन बना हुआ है, यह अगर बढ़ा तो गोल्ड की कीमतें बढ़ेगी।
  • सेंट्रल बैंकों की ओर से गोल्ड में अच्छी डिमांड है, चीन और भारत में निवेश के लिए लोग अधिक सोना खरीद रहे।
  • शेयर बाजार का वैल्यूएशन काफी ऊंचा है, जिससे बाजार में करेक्शन आने की आशंका है, इससे गोल्ड को सपोर्ट मिल सकता है।

गोल्ड के लिए निगेटिव फैक्टर्स

  • डॉलर इंडेक्स फिलहाल स्थिर बना हुआ है, लेकिन ब्याज दरों मे कटौती होने में देरी से डॉलर के मजबूत होने के आसार हैं।
  • ब्याज दरें स्थिर रहने से अमरीकी बॉन्ड यील्ड में इजाफा हो रहा है, पश्चिम एशिया में तनाव घटने की उम्मीद है, जिससे कीमतों में गिरावट आ सकती है।
  • रेकॉर्ड ऊंचाई पर कीमतें पहुंचने से मुनाफावसूली की संभावना

क्या करें निवेशक

  • जो निवेशक अपने पोर्टफोलियो में सोना शामिल करना चाहते हैं, वे सोने के गहनों या बिस्कुटों की जगह सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (एसजीबी) में निवेश करें।
  • एसजीबी और सोने के गहनों की कीमतें एकसाथ ऊपर नीचे होती हैं, लेकिन एसजीबी पर आपको हर साल 2.5 प्रतिशत का अतिरिक्त ब्याज भी मिलता है।
  • अगर आप एसजीबी को मैच्योरिटी तक होल्ड करते हैं, तो आपको मिलने वाले लाभ पर कोई टैक्स नहीं देना पड़ता है।
  • निवेशक अपने पोर्टफोलियो का 10 फीसदी गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ में निवेश कर सकते हैं। हालांकि, इन फंडों से हर साल हाई रिटर्न की उम्मीद न करें।
  • इनका असली फायदा यह है कि ये पोर्टफोलियो में विविधता लाते हैं और मार्केट के उतार-चढ़ाव के दौरान स्थिरता प्रदान करते हैं।
Published on:
04 May 2024 07:41 am
Also Read
View All

अगली खबर