Iran–Israel war: इजरायल और अमेरिका के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत के बाद भारत में भी प्रदर्शन शुरू हो गए है। जम्मू कश्मीर के लाल चौक पर शिया समुदाय के लोगों ने खामेनेई की हत्या के बाद विरोध किया है।
Iran–Israel war: इजरायल और अमेरिका के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत के बाद भारत में भी प्रदर्शन शुरू हो गए है। जम्मू कश्मीर के लाल चौक पर शिया समुदाय के लोगों ने खामेनेई की हत्या के बाद विरोध किया है। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ नारे लगाए और ईरान के समर्थन में आवाज उठाई।
एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि हमारे प्रिय नेता अली खामेनेई शहीद हो गए हैं। यह शोक जुलूस शहर के बीचों-बीच शांतिपूर्वक निकाला जा रहा है।
इस दौरान लोगों ने खामेनेई की तस्वीरें, काले झंडे और ईरान के समर्थन वाले बैनर उठाए हुए थे। श्रीनगर की सड़कों पर मातमी गीत (नौहा) भी पढ़े गए। एक अन्य प्रदर्शनकारी ने कहा कि ईरान से खबर आई है कि खामेनेई अब नहीं रहे और उनकी मौत से सभी बहुत दुखी हैं।
ईरान ने उनकी मौत के बाद 40 दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया है। देश में झंडे आधे झुका दिए गए हैं और लोगों के लिए श्रद्धांजलि सभाएं रखी जा रही हैं। दरअसल, खामेनेई 37 साल से देश के सर्वोच्च नेता थे और उन्होंने 1989 में रूहोल्लाह खुमैनी के बाद पद संभाला था। वहीं तेहरान में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है ताकि कोई अशांति न फैले।
सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने सुप्रीम लीडर की मौत की निंदा की और इसे एक बड़ा जुर्म बताया है और चेतावनी दी है कि इसके लिए ज़िम्मेदार लोगों को नतीजे भुगतने होंगे।
पेजेशकियन ने कहा, “इस बड़े जुर्म का जवाब कभी नहीं दिया जाएगा और यह इस्लामिक दुनिया और शिया धर्म के इतिहास में एक नया पन्ना खोलेगा।” राष्ट्रपति ने आगे कहा कि ईरान “अपनी पूरी ताकत और पक्के इरादे” से जवाब देगा, और चेतावनी दी कि हमले के पीछे के गुनहगारों और कमांडरों को इसका पछतावा होगा।