
इजराइल ने दक्षिणी सीरिया में एक और हमला कर दिया है। इजराइली सेना ने खुद हमले की पुष्टि की है। इजराइल का दावा है कि इस हमले में निशाना ऐसा व्यक्ति था जो अटैक करने की तैयारी में था। बेत जिन गांव में ड्रोन से एक ट्रक पर हमला हुआ, जिसमें एक व्यक्ति घायल हुआ।
इससे पहले 18 अगस्त को उत्तर-पश्चिमी सीरिया के अबू अल-दुहुर हवाई अड्डे पर इजराइल ने आठ हवाई हमले किए। रनवे और स्टोरेज जगहें नष्ट हुईं। हालांकि, कोई हताहत नहीं हुआ।
इस बीच, इजराइली रक्षा मंत्री इजराइल कैट्ज ने कहा कि सेना ने पिछले हफ्ते इस हमले की सिफारिश की थी। खुफिया जानकारी के मुताबिक, तुर्की वहां ऐसी गतिविधि की योजना बना रहा था जो इजराइल की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती थी।
कैट्ज ने बताया कि हमले से पहले सीरियाई सरकार को सबसे ऊंचे स्तर पर चेतावनी दी गई। अमेरिका को भी खुफिया जानकारी दी गई। सीरिया ने जवाब नहीं दिया तो हमला मंजूर कर लिया गया।
हालांकि, तुर्की ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया। तुर्की रक्षा मंत्रालय की ओर से कहा गया कि हमले से पहले या दौरान वहां कोई तुर्की सैन्य दल मौजूद नहीं था।
सीरिया ने भी साफ कहा कि तुर्की का कोई सैन्य अड्डा या स्थायी फौज वहां लगाने की कोई योजना नहीं थी। सिर्फ प्रशिक्षण और अनुभव बांटने के लिए कुछ अधिकारी आए थे।
इस बीच, अमेरिकी दूत टॉम बैरक ने इस हमले को जरूरत से ज्यादा बढ़ा-चढ़ाकर किया गया कदम बताया। फिलहाल अमेरिका तुर्की, इजराइल और सीरिया के बीच तनाव कम करने की व्यवस्था पर काम कर रहा है।
कैट्ज ने बैरक की प्रतिक्रिया को गलत जानकारी से भरा बताया। उन्होंने कहा कि यह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के गोलान हाइट्स पर रुख के खिलाफ जाता है।
ये घटनाएं सीरिया में इजराइल की हालिया गतिविधियों का हिस्सा हैं। दक्षिणी इलाके में ड्रोन हमला और हवाई अड्डे पर बड़े हमले एक साथ आए हैं। इजराइल सुरक्षा खतरे का हवाला दे रहा है, जबकि तुर्की और सीरिया आरोपों को झूठा बता रहे हैं।
अमेरिका मध्यस्थता की कोशिश में है, लेकिन तनाव कम होने के आसार फिलहाल कम दिख रहे हैं। अब कोई भी छोटी घटना बड़े संघर्ष में बदल सकती है। इजराइल अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहा है, लेकिन पड़ोसी देशों के इनकार से विवाद और गहरा रहा है।