
NEET Paper Leak 2026 और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर अड़ी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का जंतर-मंतर पर प्रदर्शन 35वें दिन भी जारी है। सोनम वांगचुक ने 27वें दिन अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। इसके साथ ही छात्रों के नाम जारी एक वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री ने वादा किया कि इस मुद्दे से जुड़ा विधेयक संसद में पारित कराने का प्रयास किया जाएगा। अब इसे लेकर कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरा है।
उन्होंने 'एक्स' पर लिखा, 'देर रात जारी एक वीडियो संदेश में बेहद परेशान और हताश दिख रहे 'प्रधानमंत्री' ने आखिरकार लगभग दो महीने की चुप्पी तोड़ते हुए पेपर लीक के मुद्दे पर अपनी बात रखी। याद रखिए कि मोदी सरकार लंबे समय तक यह दावा करती रही कि NEET-UG 2026 परीक्षा का पेपर लीक नहीं हुआ था। शिक्षा मंत्री ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानबूझकर 'लीक' शब्द का इस्तेमाल नहीं किया और शिक्षा मंत्रालय ने संसद की शिक्षा संबंधी स्थायी समिति के सामने भी आधिकारिक तौर पर कहा कि कोई पेपर लीक नहीं हुआ। पिछले दो महीनों में जनता के भारी आक्रोश के बाद ही प्रधानमंत्री को सच्चाई स्वीकार करनी पड़ी। लेकिन यही वजह है कि छात्रों का मोदी सरकार पर अब कोई भरोसा नहीं रह गया है। सरकार ने लगातार छात्रों के हितों से अधिक अपने राजनीतिक हितों को प्राथमिकता दी।'
जंतर-मंतर पर चल रहे मौजूदा धरना-प्रदर्शन के अलावा जयराम रमेश ने NEET Paper Leak 2024 का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने 'एक्स' पोस्ट में कहा, 'सरकार ने लगातार छात्रों के हितों से अधिक अपने राजनीतिक हितों को प्राथमिकता दी। NEET-UG 2024 परीक्षा में व्यापक अनियमितताओं के बावजूद कुछ ही परीक्षा केंद्रों पर बड़ी संख्या में टॉपर्स आने जैसे बेहद संदिग्ध तथ्यों को दबाने की कोशिश की गई। बाद में सरकार ने स्वीकार किया कि उस वर्ष हजारीबाग में NEET परीक्षा में जिसे उसने 'चयनात्मक लीक' कहा, वह हुआ था। लेकिन जिन लोगों को जिम्मेदार बताया गया, उन्हें अब तक सजा नहीं दिलाई गई। पहले संजीव मुखिया को इस लीक का मास्टरमाइंड बताया गया, लेकिन अब दावा किया जा रहा है कि वह निर्दोष है।'
उन्होंने इसी 'एक्स' पोस्ट में आगे कहा, 'सीबीआई ने UGC-NET 2024 की रद्द की गई परीक्षा में भी पेपर लीक से इनकार करते हुए क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी, लेकिन इसके पीछे कोई ठोस कारण नहीं बताया।' कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने आगे लिखा, 'यह संकट केवल न्यायपालिका की धीमी प्रक्रिया का परिणाम नहीं है, बल्कि सीबीआई की कमजोर जांच और मोदी सरकार के बेईमान राजनीतिक नेतृत्व का भी नतीजा है।'
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर सवाल उठाते हुए कहा, 'उन्होंने (पीएम मोदी) अपने संबोधन में न तो छात्रों के विरोध प्रदर्शनों का जिक्र किया और न ही 20 जुलाई को उन पर पुलिस द्वारा किए गए कथित बल प्रयोग का। इसलिए, प्रधानमंत्री चाहे जो भी कदम प्रस्तावित करें, समाधान की शुरुआत इन कदमों से होनी चाहिए - (1) शिक्षा मंत्री को पद से हटाया जाए। (2) छात्रों की पिटाई करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। (3) सरकार छात्रों से माफी मांगे।'
NEET Paper Leak 2024 के मुख्य आरोपी संजीव कुमार उर्फ संजीव मुखिया को क्लीन चिट दिए जाने के संबंध में सीबीआई ने कहा है कि उसके खिलाफ पेपर की चोरी या वितरण से उसे जोड़ने वाला कोई सबूत नहीं मिला। मुखिया को पिछले साल अप्रैल में पटना में आधी रात को चलाए गए अभियान के दौरान गिरफ्तार किया गया था। इस मामले का खुलासा 5 मई, 2024 को हुआ था, जब पटना पुलिस ने NEET-UG परीक्षा के दौरान अनियमितताओं का पता लगाया था। 23 जून, 2024 को यह मामला सीबीआई को सौंप दिया गया। सीबीआई ने अपने बयान में यह भी स्पष्ट किया कि उसने संजीव मुखिया के खिलाफ आरोपपत्र क्यों दाखिल नहीं किया।