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BRlCS Summit 2026: दिल्ली के होटल में एक रात का किराया पहुंचा 2.5 लाख, लग्जरी होटलों में नहीं मिल रहे कमरे

Delhi NCR Hotels: 18वें BRICS Summit से पहले दिल्ली के बड़े लग्जरी होटलों में कमरों की मांग बढ़ गई है। कई होटल पूरी तरह बुक हो चुके हैं, जबकि कुछ जगहों पर एक रात का किराया 2.5 लाख रुपये से तक पहुंच गया है।
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भारत

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Gajanand Prajapat

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Updated: 8 Sep 2026, 9:51 PM IST

BRICS Summit 2026 Hotel Price Hike

BRICS Summit के चलते दिल्ली में कमरे नहीं मिल रहे। (फोटो-ANI/ ITC Maurya)

Hotel Price Hike In Delhi: भारत में होने वाले 18वें BRICS समिट से पहले दिल्ली के लग्जरी होटलों में कमरों की भारी कमी देखने को मिल रही है। 12 और 13 सितंबर को होने वाले इस बड़े सम्मेलन के कारण कई प्रमुख होटल लगभग पूरी तरह बुक हो चुके हैं। वहीं, कुछ लग्जरी होटलों में एक रात के कमरे का किराया 2.5 लाख रुपये तक पहुंच गया है। इस आयोजन के साथ BRICS समूह की स्थापना के 20 साल भी पूरे हो रहे हैं।

दिल्ली के लग्जरी होटल फुल

बुकिंग की जांच के दौरान पता चला कि नई दिल्ली के ताज महल होटल, द ओबेरॉय और ताज पैलेस जैसे लग्जरी होटलों में 11 और 12 सितंबर के लिए कोई कमरा उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा द लीला पैलेस में भी 10 से लेकर 12 सितबंर के बीच ठहरने के लिए बुकिंग नहीं ली जा रही थी।

ITC Maurya में किराया 2.5 लाख रुपये

नई दिल्ली के आईटीसी मौर्य में 10 से 13 सितंबर के बीच उपलब्ध कमरों का किराया एक रात के लिए 2.5 लाख रुपये पहुंच गया। BRICS सम्मेलन में शामिल होने वाले डेलीगेट्स और दूसरे मेहमानों के राजधानी पहुंचने और उनके ज्यादा समय तक रुकने की उम्मीद है। इसके चलते सेंट्रल दिल्ली के इलाके में कमरों की मांग बढ़ गई है।

दिल्ली-NCR में भी बढ़ी मांग

सम्मेलन का असर केवल सेंट्रल दिल्ली तक सीमित नहीं है। विन्धम होटल्स एंड रिसॉर्ट्स के यूरेशिया मार्केट मैनेजिंग डायरेक्टर राहुल मैकेरियस के अनुसार, BRICS समिट के कारण दिल्ली-NCR में भी मांग बढ़ी है। द्वारका एक्सप्रेसवे पर स्थित रामाडा एनकोर बाय विन्धम में 12 से 15 सितंबर के दौरान ऑक्यूपेंसी रेट करीब 65 प्रतिशत दर्ज की जा रही है। इस कारण दिल्ली आने वाले पर्यटकों, कारोबारी यात्रियों और परिवारों को महंगे होटल किराए का सामना करना पड़ सकता है।

होटल उद्योग पर बढ़ा दबाव

होटल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (HAI) के प्रेसिडेंट और रैडिसन होटल ग्रुप के चेयरमैन के.बी. कचरू ने कहा कि BRICS समिट भारत के होटल ढांचे पर बढ़ते दबाव को दिखा रहा है। उनके अनुसार, भारत में फिलहाल करीब 2 लाख से 2.20 लाख ब्रांडेड होटल कमरे हैं, जो देश की पर्यटन महत्वाकांक्षाओं के लिए पर्याप्त नहीं हैं।