
सांसद हरसिमरत कौर। फोटो एएनआई
Harsimrat Kaur Badal: शिरोमणि अकाली दल की वरिष्ठ नेता और सांसद हरसिमरत कौर बादल ने पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत मान के परिवार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। दिल्ली में राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) की चेयरपर्सन से मिलने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की पत्नी ने कथित तौर पर जेल में बंद दुष्कर्म के आरोपी को बचाने और उसके खिलाफ सभी केस खत्म करवाने के लिए 5 करोड़ की डील की। उन्होंने कहा कि इस कथित डील से जुड़े सभी ऑडियो और वीडियो सबूत पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट को सौंप दिए गए हैं।
हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब के हालात खराब हो गए हैं। इतिहास में पहली बार पंजाब पर लगभग 5 लाख करोड़ का कर्ज है, फिर भी राज्य में कोई नई संपत्ति या विकास कार्य नहीं दिख रहा है। समाज के किसी भी वर्ग को कोई राहत महसूस नहीं हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी खजाने को खुलेआम लूटा जा रहा है और हालात इतने खराब हो गए हैं कि मुख्यमंत्री का घर असल में ड्रग्स का अड्डा बन गया है।
अकाली दल की सांसद ने आरोप लगाया कि पंजाब में महिलाओं की गरिमा और सम्मान की खुलेआम नीलामी हो रही है। उन्होंने कहा कि जहां पीड़ित महिलाएं अधिकारियों और खुद मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगा रही हैं, वहीं दूसरी ओर आरोपी को जेल से छुड़ाने के लिए 'क्लीन चिट' दिलाने की कोशिशें भी की जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर और उनके भाई ने आरोपी के साथियों के साथ मिलकर दो महीने के भीतर सभी केस बंद कराने के लिए 5 करोड़ की डील की, जिसके सबूत हाई कोर्ट को सौंप दिए गए हैं।
हरसिमरत कौर ने सवाल उठाया कि पंजाब में पीड़ित महिलाओं की सुरक्षा कौन सुनिश्चित करेगा, जबकि गृह विभाग खुद मुख्यमंत्री के पास है और उनके अपने परिवार पर ही इतने गंभीर आरोप लगे हैं। उन्होंने कहा कि जहां राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और अदालतों ने इस मामले का संज्ञान लिया है, वहीं राज्य सरकार FIR तक दर्ज करने में नाकाम रही है। उन्होंने पूरे मामले की CBI जांच की मांग की, ताकि आरोपी के मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच हो सके और युवा महिलाओं से जुड़ा आपत्तिजनक कंटेंट और ब्लैकमेल किए जा रहे लोगों की संख्या का पता लगाया जा सके।
राष्ट्रीय महिला आयोग के साथ अपनी बैठक के बारे में जानकारी देते हुए हरसिमरत कौर ने बताया कि आयोग की प्रमुख ने उन्हें भरोसा दिलाया कि उनके अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी जरूरी और कड़े कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने आयोग से पीड़ितों से व्यक्तिगत रूप से मिलने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया। हरसिमरत कौर ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार और पुलिस प्रशासन लगातार पीड़ितों को डरा-धमका रहे हैं ताकि वे अपने केस वापस ले लें।
Updated on:
08 Sept 2026 09:42 pm
Published on:
08 Sept 2026 09:42 pm
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