
गिरफ्तार दोनों आरोपी (फोटो- X@kashish)
Bihar EOU Fake Officer Extortion: बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने एक सरकारी इंजीनियर को EOU अधिकारी बताकर डराने धमकाने और उनसे बड़ी रकम वसूलने की साजिश रचने के आरोप में एक ठेकेदार और उसके ड्राइवर को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार लोगों की पहचान पटना जिले के बिक्रम थाना क्षेत्र के ठेकेदार अमित कुमार और बिहटा के रहने वाले उनके ड्राइवर मंजीत कुमार के तौर पर हुई है। पुलिस ने धमकी देने में इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन और नकली पहचान पत्र बरामद कर लिए हैं।
यह मामला तब सामने आया जब लघु सिंचाई अंचल छपरा के सुपरिटेंडिंग इंजीनियर और लघु जल संसाधन विभाग (पटना) के निगरानी प्रभार में पदस्थापित राजेंद्र कुमार ने 3 सितंबर 2026 को EOU में लिखित शिकायत दर्ज कराई। अपनी शिकायत में इंजीनियर ने बताया कि उन्हें अनजान नंबरों से धमकी भरे कॉल और व्हाट्सएप मैसेज आ रहे थे। कॉलर ने खुद को EOU अधिकारी बताया और दावा किया कि इंजीनियर के खिलाफ जांच से जुड़ी फाइल उसके पास है। आरोपी ने धमकी दी कि अगर मांगी गई रकम नहीं दी गई तो उसकी नौकरी खत्म कर दी जाएगी, करियर बर्बाद कर दिया जाएगा और उसे मार डाला जाएगा।
इंजीनियर की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए इकोनॉमिक ऑफेंस पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और IT एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत केस नंबर 20/26 दर्ज किया गया है। जांच के दौरान मिले तकनीकी सबूतों और कॉल डिटेल्स के आधार पर EOU की एक स्पेशल टीम ने धोखाधड़ी करने वालों को पकड़ा। सबूत इकट्ठा करने के बाद पुलिस ने 7 सितंबर 2026 को कॉन्ट्रैक्टर अमित कुमार (महावीर कंस्ट्रक्शन, तेलपा) और उसके ड्राइवर मंजीत कुमार को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में चालक मंजीत कुमार ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया किया कि उसने सोची समझी साजिश के तहत राजेंद्र कुमार के खिलाफ पहले शिकायत दर्ज कराई और फिर खुद को EOU का कर्मी बताकर रंगदारी की मांग की। आरोपी का मोबाइल फोन चेक करने पर पुलिस को इंजीनियर से जबरन वसूली की कोशिश से जुड़ी चैट्स और स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) के लोगो की एक तस्वीर मिली। पुलिस के अनुसार, आरोपी सरकारी एजेंसियों के अधिकारियों के खिलाफ शिकायतें दर्ज कराते थे और फिर उन्हीं एजेंसियों के डर का फायदा उठाकर उनसे पैसे वसूलते थे।
गिरफ्तारी के बाद तलाशी में पता चला कि मंजीत कुमार के पास अपने असली ड्राइविंग लाइसेंस के अलावा, एक नकली ड्राइविंग लाइसेंस और संजीत कुमार के नाम से जारी एक नकली पहचान पत्र भी था। इकोनॉमिक ऑफेंस यूनिट (EOU) ने दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
Updated on:
08 Sept 2026 08:30 pm
Published on:
08 Sept 2026 08:29 pm
