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Bihar Flood: तेजस्वी ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, कहा- लाचार नजर आ रहे NDA के मंत्री-सांसद, तुरंत दें विशेष मदद

Bihar Flood News: बिहार में भीषण बाढ़ के बीच विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर तत्काल बिहार का दौरा करने का आग्रह किया है। उन्होंने बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने और विशेष राहत पैकेज देने की मांग की है।
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पटना

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Anand Shekhar

Sep 07, 2026

bihar flood tejashwi yadav

बाढ़ में फंसे लोगों की ओर इशारा करते तेजस्वी (फोटो- Tejashwi Yadav FB)

Bihar Flood: बिहार में नदियों के उफान के कारण 20 जिलों में बाढ़ की स्थिति पर बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की गुहार लगाई है। तेजस्वी यादव ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर बिहार का दौरा करने की मांग की है। अपने पत्र में उन्होंने केंद्र से बिहार की बाढ़ को 'राष्ट्रीय आपदा' घोषित करने और राहत व बचाव कार्यों के लिए तत्काल 5,000 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता देने की मांग की है।

20 जिलों के लाखों लोग परेशान

प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार के 20 ज़िले इस समय बाढ़ से हुई भारी तबाही से जूझ रहे हैं। नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण लाखों लोग बुनियादी सुविधाओं की कमी से परेशान हैं। राज्य के सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है और हज़ारों करोड़ रुपये की जान-माल की हानि हुई है। प्रभावित इलाकों में लोग भोजन, साफ़ पीने का पानी, जीवन रक्षक दवाएं, बिजली, सुरक्षित परिवहन और मवेशियों के चारे के लिए बेहाल हैं।

लाचार हैं एनडीए के मंत्री-सांसद : तेजस्वी

तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार और केंद्र में बिहार के प्रतिनिधियों की आलोचना करते हुए कहा कि बिहार से चुने गए NDA के केंद्रीय मंत्री और सांसद पूरी तरह से बेबस, अक्षम और नाकाम नजर आ रहे हैं। वे न तो केंद्र से इस स्थिति को राष्ट्रीय आपदा घोषित करवा पाए और न ही कोई ठोस राहत पैकेज ही हासिल कर सके।

दिवालिया हो चुकी है बिहार सरकार : तेजस्वी

तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार के वित्तीय प्रबंधन और आपदा फंड के इस्तेमाल को लेकर भी आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि यह संकट केवल एक प्राकृतिक आपदा नहीं है, बल्कि वर्षों से आपदा प्रबंधन, तैयारी और स्थायी रोकथाम की नीतियों की विफलता का नतीजा है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिवालिया हो चुकी बिहार सरकार पीड़ितों को राहत पहुंचाने के प्रति उदासीन बनी हुई है। आपदा राहत और राज्य के आकस्मिक फंड के लिए तय पैसे का इस्तेमाल सरकार के रोजमर्रा के खर्चों को पूरा करने के लिए कर दिया गया है, जिसके कारण राहत और बचाव कार्यों के लिए राज्य के खजाने में फंड की भारी कमी हो गई है, जबकि इस समय इनकी सबसे जेदा जरूरत है।

बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग

तेजस्वी यादव ने बाढ़ से निपटने के लिए केंद्र के सामने सात मांगें रखी हैं। उन्होंने मांग की कि बिहार में आई बाढ़ को आधिकारिक तौर पर 'राष्ट्रीय आपदा' घोषित किया जाए और राज्य को तुरंत 5,000 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद दी जाए। इसके अलावा, उन्होंने राहत सामग्री पहुंचाने और सड़क संपर्क से कटे दूर-दराज के इलाकों में अतिरिक्त नावों और मोटरबोट्स को चलाने के लिए सेना और वायु सेना के हेलीकॉप्टरों को तैनात करने की अपील की। ​​

तेजस्वी यादव ने प्रभावित किसानों, मजदूरों और पशुपालकों के लिए सीधी आर्थिक मदद की भी मांग की, साथ ही राज्य के आकस्मिक कोष के लेनदेन और आपदा की तैयारियों का CAG से जांच कराने की मांग की है।

स्थायी समाधान के लिए 'फ्लड रेजिलिएंस मिशन' का प्रस्ताव

प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में तेजस्वी यादव ने कहा कि राज्य का 76 से 80 प्रतिशत हिस्सा हर साल बाढ़ से प्रभावित होता है। उन्होंने कहा कि हर साल आने वाली इस आपदा से निपटने के लिए एक स्थायी 'दीर्घकालिक फ्लड रेजिलिएंस मिशन' शुरू किया जाना जरूरी है। इस मिशन में नदियों के तटबंधों का प्रबंधन, जलनिकासी, जलाशयों के कायाकल्प और नेपाल व बांग्लादेश जैसे पड़ोसी देशों के साथ मिलकर प्रभावी जल प्रबंधन नीतियां बनाना शामिल होना चाहिए।

प्रधानमंत्री से अपील करते हुए तेजस्वी ने कहा कि संकट के इस समय में बिहार के लोगों को राजनीति के बजाय ठोस राहत की जरूरत है, इसलिए केंद्र सरकार को बिना किसी भेदभाव के राज्य को तुरंत मानवीय और वित्तीय सहायता प्रदान करनी चाहिए।