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हर मंत्रालय के डेटा में होगा तालमेल, केंद्र ने लॉन्च किया नया QPR पोर्टल, जानें क्या है खास

Government Data India: केंद्र सरकार ने सभी केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के लिए QPR पोर्टल लॉन्च किया है। इसका मकसद सरकारी डेटा में तालमेल, बेहतर डेटा गवर्नेंस और तथ्यों के आधार पर नीति निर्माण को मजबूत करना है।
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भारत

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Anurag Animesh

•

Updated: 8 Sep 2026, 9:24 PM IST

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केंद्र ने लॉन्च किया नया QPR पोर्टल(फोटो-X/@GoIStats)

Data Harmonisation Portal: केंद्र सरकार ने मंगलवार को Quarterly Progress Report (QPR) पोर्टल लॉन्च किया। इसका मकसद केंद्र सरकार के सभी मंत्रालयों, विभागों के बीच डेटा के इस्तेमाल और शेयर करने में बेहतर तालमेल बनाना है। सरकार का कहना है कि इससे डेटा आधारित गवर्नेंस और तथ्यों के आधार पर नीतियां बनाने में मदद मिलेगी। यह पोर्टल Ministry of Statistics and Programme Implementation (MoSPI) की ओर से आयोजित एक वर्कशॉप के दौरान लॉन्च किया गया। वर्कशॉप का फोकस राष्ट्रीय डेटा सिस्टम को मजबूत करने और सरकारी प्रशासनिक डेटा के बेहतर इस्तेमाल और सामंजस्य पर था।

क्या काम करेगा QPR पोर्टल?

QPR पोर्टल एक टेक्नोलॉजी आधारित प्लेटफॉर्म है, जिसका इस्तेमाल केंद्रीय मंत्रालय और विभाग अपने डेटा से जुड़ी प्रगति की जानकारी देने के लिए करेंगे। इसमें ऐसे डेटा सेट की पहचान और लिस्ट तैयार करने की प्रगति दर्ज की जाएगी, जिन्हें लोगों के इस्तेमाल के लिए उपलब्ध कराया जा सकता है। इसके अलावा डेटा के मेटाडेटा तैयार करने, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मानकों को अपनाने, वर्गीकरण और कॉमन यूनिक आइडेंटिफायर के इस्तेमाल की जानकारी भी इस पोर्टल पर दर्ज होगी। मशीन रीडेबल डेटा की गुणवत्ता की जांच भी Statistical Quality Assurance Framework (SQAF) के तहत की जाएगी। पोर्टल में ऑटोमेटेड वैलिडेशन, डैशबोर्ड और National Metadata Structure (NMDS) वेब पोर्टल के साथ डेटा का क्रॉस-वेरिफिकेशन जैसी सुविधाएं भी हैं। इसके जरिए अलग-अलग मंत्रालयों और विभागों के डेटा से जुड़े विश्लेषण भी किए जा सकेंगे।

शशिकांत दास ने डेटा को बताया जरूरी

पोर्टल लॉन्च करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रधान सचिव-2 शक्तिकांत दास ने कहा कि नीतियां बनाने के लिए भरोसेमंद, समय पर उपलब्ध और अलग-अलग सिस्टम के बीच आसानी से इस्तेमाल होने वाला डेटा जरूरी है। उन्होंने मंत्रालयों में प्रशासनिक डेटा और सांख्यिकी विशेषज्ञता के ज्यादा इस्तेमाल पर जोर दिया। उनके मुताबिक इसका इस्तेमाल नीति बनाने के साथ-साथ योजनाओं की निगरानी और उनके नतीजों का आकलन करने में भी किया जाना चाहिए।

AI के लिए भी जरूरी है बेहतर डेटा

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के सचिव एस. कृष्णन ने कहा कि मंत्रालयों के बीच डेटा शेयरिंग, हार्मोनाइजेशन और इंटरऑपरेबिलिटी को मजबूत करना जरूरी है। इससे तथ्यों के आधार पर नीति बनाने और गवर्नेंस को बेहतर करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को गवर्नेंस में सफल तरीके से इस्तेमाल करने के लिए हाई-क्वालिटी डेटा बेहद जरूरी है।